गैर अनुदानित उर्वरक बेचने के आरोप में लालगंज के खाद विक्रेता का लाइसेंस निलंबित
लालगंज क्षेत्र स्थित एक उर्वरक विक्रेता का लाइसेंस गैर अनुदानित उर्वरक की बिक्री के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला कृषि अधिकारी ने सात दिन के भीतर साक्ष्यों सहित जवाब तलब किया है।

लालगंज, प्रतापगढ़।
जिला कृषि अधिकारी प्रतापगढ़ ने लालगंज क्षेत्र के एक उर्वरक विक्रेता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसका उर्वरक विक्रय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई क्षेत्र भ्रमण के दौरान निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर की गई।
कार्यालय जिला कृषि अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार क्षेत्र भ्रमण के दौरान सरदार का पुरवा, लालगंज स्थित मैसर्स सोनू खाद भंडार का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उर्वरक वितरण रजिस्टर में दर्ज किसानों के मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया गया। किसानों ने बताया कि उन्हें एक बोरी यूरिया के साथ दो बोरी गैर अनुदानित उर्वरक जबरन टैग कर दिया गया।
जिला कृषि अधिकारी ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए विक्रेता का उर्वरक विक्रय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही विक्रेता को निर्देश दिया गया है कि वह सात दिनों के भीतर साक्ष्यों सहित अपना स्पष्टीकरण कार्यालय में प्रस्तुत करे तथा गैर अनुदानित उर्वरक की खरीद एवं बिक्री का पूरा विवरण उपलब्ध कराए।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया तो उर्वरक विक्रय लाइसेंस निरस्त करते हुए उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित विक्रेता की होगी।
जारी आदेश की प्रतिलिपि सभी थोक उर्वरक विक्रेताओं को भेजते हुए निर्देशित किया गया है कि अगले आदेश तक संबंधित प्रतिष्ठान को किसी भी प्रकार के उर्वरक की आपूर्ति न की जाए। इसके अलावा संयुक्त कृषि निदेशक, मुख्य विकास अधिकारी तथा जिलाधिकारी प्रतापगढ़ को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए आदेश की प्रति प्रेषित की गई है।





