प्रतापगढ़ में कोर्ट परिसर में सपा जिलाध्यक्ष पर धमकी देने का आरोप, मुकदमे की पैरवी छोड़ने का दबाव; FIR दर्ज
प्रतापगढ़ के कुंडा कोर्ट परिसर में सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव पर युवक को मुकदमे की पैरवी छोड़ने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। कुंडा पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्रतापगढ़।
कुंडा तहसील स्थित न्यायालय परिसर में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव पर एक युवक को कथित तौर पर मुकदमे की पैरवी छोड़ने के लिए दबाव बनाने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है।
मामला उस समय का बताया जा रहा है, जब सपा जिलाध्यक्ष पुलिस अभिरक्षा में एसीजेएम कुंडा की अदालत में पेशी पर पहुंचे थे। पीड़ित की तहरीर पर कुंडा पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
अधिवक्ता के बस्ते पर बैठा था युवक
मानिकपुर थाना क्षेत्र के मजरा निवासी हिमांशु मिश्रा के मुताबिक, 7 अगस्त को वह अपने अधिवक्ता रमाकांत शुक्ल के बस्ते पर बैठा था। इसी दौरान युवराज सिंह ने उसे बताया कि न्यायालय के बाहर छविनाथ यादव उसे बुला रहे हैं।
पीड़ित का आरोप है कि बुलाने पर जब वह वहां पहुंचा तो उससे संबंधित मुकदमे की पैरवी बंद करने के लिए दबाव बनाया गया। हिमांशु के मुताबिक, उसने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर छविनाथ यादव नाराज हो गए और उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
परिवार को भी धमकी देने का आरोप
तहरीर में युवक ने आरोप लगाया है कि मुकदमे की पैरवी जारी रखने पर उसे ही नहीं, बल्कि उसके परिवार को भी नुकसान पहुंचाने की चेतावनी दी गई। पीड़ित ने दावा किया है कि घटना के दौरान वहां कई लोग मौजूद थे।
युवक ने पुलिस को तहरीर देकर खुद और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। साथ ही आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है।
कोर्ट परिसर में घटना के आरोप से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
मामले में सबसे अहम पहलू यह है कि आरोपित घटना न्यायालय परिसर में और पुलिस अभिरक्षा में पेशी के दौरान होने का दावा किया गया है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और वहां कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट, जांच शुरू
सीओ कुंडा शिव नारायण वैश्य ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर अभियोग दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नोट: यह खबर पुलिस में दी गई तहरीर और पुलिस के प्रारंभिक पक्ष पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।





