फतेहपुर हत्याकांड का खुलासा: 7.50 लाख रुपये के लिए हिस्ट्रीशीटर दोस्त की गोली मारकर हत्या, 5 आरोपी गिरफ्तार
फतेहपुर में 7.50 लाख रुपये के विवाद में हिस्ट्रीशीटर रामप्रकाश गुप्ता उर्फ लक्ष्मी की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया। शराब पिलाकर सुनसान इलाके में गोली मारकर हत्या की गई। पांच आरोपी गिरफ्तार, एक फरार।

फतेहपुर।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में 29 जुलाई को मिले हिस्ट्रीशीटर रामप्रकाश गुप्ता उर्फ लक्ष्मी के शव के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मृतक के 7.50 लाख रुपये हड़पने के बाद रकम वापस मांगने पर आरोपियों ने उसकी हत्या की साजिश रची। उसे शराब पिलाकर सुनसान स्थान पर ले जाया गया और अवैध तमंचे से गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। मामले में एक आरोपी अभी फरार है।
अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि 29 जुलाई की सुबह सदर कोतवाली क्षेत्र के बकंधा ईंट भट्ठे के पास शव मिला था। मृतक की पहचान राधानगर निवासी रामप्रकाश गुप्ता के रूप में हुई। पिता की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और अन्य सुरागों के आधार पर जांच शुरू की।
मकान बिक्री के पैसों से शुरू हुआ विवाद
पुलिस जांच में सामने आया कि नवंबर 2024 में पारिवारिक मकान 75 लाख रुपये में बेचा गया था। इसमें मृतक को 27.50 लाख रुपये मिले थे। आरोप है कि अनिल कुमार ने संयुक्त बैंक खाता खुलवाकर मृतक के पैसों पर नियंत्रण कर लिया और खाते का संचालन भी स्वयं करता था। पुलिस के मुताबिक मृतक की नशे की लत का फायदा उठाकर उसे अपने पास रखा गया।
जांच में यह भी सामने आया कि मृतक के पैसों से करीब 2.50 लाख रुपये की बुलेट मोटरसाइकिल खरीदी गई, जबकि लगभग 5 लाख रुपये आरोपी के रिश्तेदार अक्षय उर्फ कृष्ण कुमार को निवेश के नाम पर दे दिए गए। इस तरह कुल 7.50 लाख रुपये आरोपियों के कब्जे में चले गए।
शराब पिलाकर सुनसान इलाके में मारी गोली
पुलिस के अनुसार, घटना वाली रात आरोपियों ने रामप्रकाश को घर से बुलाया। इसके बाद उसे मोटरसाइकिल से बकंधा-भैरमपुर मार्ग स्थित सुनसान स्थान पर ले जाया गया। वहां शराब पिलाने के बाद आरोपी शिवा लोधी ने अवैध तमंचे से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद सभी आरोपी फरार हो गए।
पांच आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश जारी
पुलिस ने मामले में शिवा लोधी, ईशू लोधी, अनिल कुमार, मीना और श्यामा को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि अक्षय उर्फ कृष्ण कुमार अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो अवैध तमंचे (.315 बोर), दो जिंदा कारतूस, एक खोखा, घटना में प्रयुक्त अपाचे और बुलेट मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन तथा 1,310 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। दोनों मोटरसाइकिलों को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया गया है।
पुलिस ने यह भी बताया कि मुख्य आरोपी अनिल कुमार और उसकी पत्नी मीना के खिलाफ वर्ष 2021 में एनडीपीएस एक्ट के तहत भी मुकदमे दर्ज हैं।





