मानसिक प्रताड़ना के आरोप में बीडीओ पर कार्रवाई की मांग, एफआईआर न होने से बढ़ा आक्रोश
प्रतापगढ़ के बाबागंज में ग्राम पंचायत अधिकारी नागेंद्र सरोज की मौत के बाद उनकी पत्नी ने बीडीओ पर मानसिक प्रताड़ना, अभद्र व्यवहार और जातिसूचक टिप्पणी का आरोप लगाया है। परिजनों ने एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस की ओर से आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

प्रतापगढ़। बाबागंज विकास खंड में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी नागेंद्र सरोज की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मृतक की पत्नी दीक्षा सरोज ने संग्रामगढ़ थाने में तहरीर देकर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) बाबागंज पर मानसिक प्रताड़ना, अभद्र व्यवहार और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं परिजनों का आरोप है कि पुलिस अब तक एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है, जिससे परिवार और कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
तहरीर के अनुसार, 11 जुलाई को ड्यूटी के दौरान नागेंद्र सरोज की तबीयत बिगड़ गई थी। पत्नी का आरोप है कि लालगंज ट्रामा सेंटर में कुछ समय के लिए होश आने पर नागेंद्र सरोज ने बताया कि बीडीओ लगातार कार्य का दबाव बना रहे थे।
स्वास्थ्य खराब होने पर डॉक्टर को दिखाने की अनुमति मांगने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा जातिसूचक शब्द कहे गए। आरोप है कि इसी मानसिक तनाव के कारण उनकी हालत और गंभीर हो गई, जिसके बाद अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई।
परिजनों ने चेतावनी दी है कि जब तक आरोपित अधिकारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। घटना को लेकर कर्मचारी संगठनों में भी रोष है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठ रही है।
हालांकि, इस मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। मामले को लेकर जिले में व्यापक चर्चा है और सभी की नजर पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।





