अयोध्या: विश्वविद्यालय परिसरों में राजनीतिक कार्यक्रमों पर रोक की मांग, कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
अयोध्या के आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में राजनीतिक कार्यक्रमों के विरोध में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता और निष्पक्षता बनाए रखने की मांग की गई।

अयोध्या।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज परिसर में कथित रूप से राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने के विरोध में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को राज्यपाल एवं कुलाधिपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष शिवपूजन पाण्डेय ने किया।
ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध और नवाचार के केंद्र होते हैं। ऐसे परिसरों में राजनीतिक दलों के संगठनात्मक या प्रचारात्मक कार्यक्रम आयोजित होने से शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होता है, विद्यार्थियों की पढ़ाई और शोध कार्य बाधित होते हैं तथा विश्वविद्यालयों की निष्पक्षता और गरिमा पर असर पड़ता है।
राज्यपाल से क्या की गई मांग?
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मांग की कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय परिसरों में राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि शिक्षण संस्थानों का शैक्षणिक और निष्पक्ष वातावरण सुरक्षित रह सके।
कांग्रेस नेताओं ने रखी अपनी बात
पूर्व जिला अध्यक्ष शिवपूजन पाण्डेय ने कहा कि विश्वविद्यालय किसी भी राजनीतिक दल की गतिविधियों का केंद्र नहीं, बल्कि देश के भविष्य का निर्माण करने वाले शिक्षा के मंदिर हैं। उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालयों का उपयोग राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा तो उनकी स्वायत्तता और शैक्षणिक गरिमा प्रभावित होगी।
उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई विश्वविद्यालयों में सत्ता के प्रभाव में राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय किसी भी राजनीतिक दल का मंच नहीं बनने चाहिए।
पीसीसी सदस्य संजय तिवारी ने कहा कि शिक्षण संस्थानों का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध को बढ़ावा देना है। उन्होंने सरकार से विश्वविद्यालयों को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नोट: यह समाचार कांग्रेस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और उसमें किए गए दावों पर आधारित है।





