राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बाद बड़ा कदम, बहुमूल्य आभूषणों की वीडियोग्राफी; वेबसाइट पर दिखाने की तैयारी
राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बहुमूल्य आभूषणों की वीडियोग्राफी शुरू कराई है। डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है और भविष्य में इन्हें ट्रस्ट की वेबसाइट पर प्रदर्शित करने की तैयारी है।

अयोध्या।
राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए बहुमूल्य आभूषणों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना शुरू कर दिया है। इसके तहत भारतीय स्टेट बैंक की अयोध्या शाखा के लॉकर में सुरक्षित आभूषणों की विस्तृत वीडियोग्राफी कराई गई है।
हाल ही में चढ़ावा चोरी के आरोपों के बाद धनराशि के साथ-साथ बहुमूल्य आभूषणों के गायब होने की शिकायतें भी सामने आई थीं। हालांकि ट्रस्ट पहले ही इन आरोपों को निराधार बता चुका है। अब भविष्य में किसी भी तरह के विवाद या भ्रम से बचने के लिए प्रत्येक आभूषण का वीडियो रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
चार दिन चली वीडियोग्राफी प्रक्रिया
ट्रस्ट के अनुसार, चार दिनों तक चली इस प्रक्रिया के दौरान अंतरिम महासचिव कृष्णमोहन, हस्ताक्षरी जगदीश आफले, लेखाकार चंदन राय तथा भारतीय स्टेट बैंक के स्थानीय और क्षेत्रीय अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान सोने, चांदी और अन्य बहुमूल्य उपहारों की अलग-अलग वीडियोग्राफी की गई। साथ ही ट्रस्ट के बैंक खातों की भी समीक्षा की गई।
वेबसाइट पर दिख सकते हैं आभूषण
ट्रस्ट सूत्रों के मुताबिक, भविष्य में इन बहुमूल्य आभूषणों को ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। प्रत्येक आभूषण का अलग वीडियो तैयार किया गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर इसे प्रमाण के रूप में भी प्रस्तुत किया जा सके।
यदि इस प्रस्ताव को ट्रस्ट की आगामी बैठक में मंजूरी मिलती है, तो श्रद्धालु वेबसाइट के माध्यम से चढ़ावे में प्राप्त बहुमूल्य आभूषणों को देख सकेंगे। ट्रस्ट का मानना है कि इससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा।
महंत शशिकांत दास ने किया स्वागत
राम कचहरी के महंत शशिकांत दास ने ट्रस्ट की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड और सार्वजनिक प्रदर्शन की व्यवस्था भविष्य में उठने वाले अनावश्यक सवालों का प्रभावी जवाब साबित होगी तथा श्रद्धालुओं का भरोसा और मजबूत करेगी।





