श्रावण में 30 जुलाई से घुइसरनाथ धाम के गर्भगृह में रुद्राभिषेक पर रोक
घुइसरनाथ धाम में श्रावण मास के दौरान 30 जुलाई से 28 अगस्त तक गर्भगृह में रुद्राभिषेक वर्जित रहेगा। चारों सोमवार को रात नौ बजे दिव्य शयन महाआरती होगी। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्थाएं लागू की हैं।

लालगंज, प्रतापगढ़। श्रावण मास में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बाबा घुइसरनाथ धाम मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाओं की घोषणा की है। मंदिर प्रशासन प्रमुख महंत मयंक भाल गिरि ने बताया कि 30 जुलाई से 28 अगस्त तक मंदिर के गर्भगृह में रुद्राभिषेक पूरी तरह वर्जित रहेगा। इस अवधि में श्रद्धालु गर्भगृह में प्रवेश किए बिना बाहर से ही रुद्राभिषेक कर सकेंगे।
महंत मयंक भाल गिरि के अनुसार, श्रावण मास के चारों सोमवार को रात्रि नौ बजे बाबा घुइसरनाथ की दिव्य एवं भव्य शयन महाआरती का आयोजन किया जाएगा। महाआरती के दौरान गर्भगृह में श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, ताकि पूजा-अर्चना की व्यवस्था सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि श्रावण मास में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों एवं स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी, जिससे दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें, व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें तथा प्रशासन के निर्देशों का अनुपालन करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से बाबा घुइसरनाथ के दर्शन एवं पूजन का लाभ प्राप्त करें।





