सरयू एक्सप्रेस के ठहराव पर सांसद अमर पाल मौर्य का पत्र बना चर्चा का विषय, प्रतापगढ़ स्टेशन का जिक्र होने से उठे सवाल
प्रतापगढ़ में सरयू एक्सप्रेस के ठहराव को लेकर राज्यसभा सांसद अमर पाल मौर्य के रेल मंत्री को लिखे पत्र पर विवाद छिड़ गया है। प्रतापगढ़ जंक्शन पर पहले से ट्रेन के ठहराव के बावजूद पत्र में उसका उल्लेख होने से सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं।

प्रतापगढ़। सरयू एक्सप्रेस (14233/14234) के ठहराव को लेकर राज्यसभा सांसद अमर पाल मौर्य का केंद्रीय रेल मंत्री को लिखा गया पत्र अब जिले में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
पत्र में सांसद ने चिलबिला जंक्शन अथवा प्रतापगढ़ जंक्शन पर ट्रेन के आधिकारिक ठहराव की मांग की है। इसके बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे हैं कि जब सरयू एक्सप्रेस का प्रतापगढ़ जंक्शन पर पहले से नियमित ठहराव है, तो फिर उसी स्टेशन के लिए दोबारा मांग क्यों की गई।
रेलवे की मौजूदा समय-सारिणी के अनुसार सरयू एक्सप्रेस प्रतापगढ़ जंक्शन पर निर्धारित समय के अनुसार रुकती है। ऐसे में पत्र में प्रतापगढ़ स्टेशन का उल्लेख होने से लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। सोशल मीडिया पर कई लोग इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और पत्र की भाषा पर सवाल उठा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि मांग केवल चिलबिला जंक्शन पर नए ठहराव की होती, तो इसे जनहित से जुड़ा स्पष्ट प्रस्ताव माना जाता। लेकिन प्रतापगढ़ जंक्शन का नाम शामिल होने से यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
रेलवे मामलों के जानकारों का भी मानना है कि पत्र में केवल चिलबिला जंक्शन पर ठहराव की मांग होती, तो उद्देश्य अधिक स्पष्ट दिखाई देता। फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
अब लोगों की नजर सांसद कार्यालय की प्रतिक्रिया पर है। उम्मीद की जा रही है कि इस संबंध में स्थिति स्पष्ट की जाएगी, ताकि पत्र को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।
नोट : रेलवे की वर्तमान समय-सारिणी के अनुसार सरयू एक्सप्रेस का प्रतापगढ़ जंक्शन पर नियमित ठहराव पहले से निर्धारित है। विवाद पत्र में उसके उल्लेख को लेकर उठ रहा है।





