आंधी-तूफान ने उजाड़ा परिवार, कौशांबी में जर्जर मकान बना मौत का कारण
तीन की मौत के बाद फिर उठे प्रधानमंत्री आवास योजना पर सवाल

कौशांबी: पूरब पश्चिम शरीरा नगर पंचायत के वार्ड नंबर-5 दूनी तिवारी का पुरवा में शुक्रवार को आए तेज आंधी-तूफान ने एक गरीब परिवार की दुनिया उजाड़ दी। तेज हवाओं के बीच कच्चा और जर्जर मकान भरभराकर गिर पड़ा, जिसके मलबे में दबकर महिला समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक बालक गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे में माया देवी (28) पत्नी मंगल, इस्तुति (5) और अनुभव (3) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं आकाश पुत्र मंगल गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने किसी तरह मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक तीन जिंदगियां खत्म हो चुकी थीं।
सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर राहत कार्य शुरू कराया। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
आवास योजना पर उठे बड़े सवाल
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर प्रधानमंत्री आवास योजना और स्थानीय सर्वे व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पीड़ित परिवार को समय पर पक्का आवास मिल गया होता तो शायद तीन मासूम जिंदगियां बच सकती थीं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्षों से चल रही आवास योजनाओं में वास्तविक गरीबों की अनदेखी हो रही है, जबकि कई अपात्र लोग सूची में शामिल होकर लाभ उठा रहे हैं। गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आवास योजना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पात्र गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर पक्का मकान उपलब्ध कराया जाए।
गरीबों के सर्वे की हो पुनः जांच
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल कागजों में योजनाएं चलाने से गरीबों का भला नहीं होगा। जरूरत इस बात की है कि जर्जर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों का दोबारा सर्वे कराया जाए, ताकि किसी अन्य परिवार को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े।
ग्रामीणों ने मृतक परिवार को आर्थिक सहायता, घायल बच्चे के समुचित इलाज और आवास योजना के तहत तत्काल पक्का मकान दिए जाने की मांग की है।
कौशांबी से पवन द्विवेदी की रिपोर्ट





