धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले राहुल गांधी- ‘भ्रष्टाचार का प्रतीक हैं, उनको तो जाना ही था’
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तंज कसते हुए इसे छात्रों की जीत बताया। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को अक्षमता और भ्रष्टाचार का प्रतीक करार दिया।

नई दिल्ली: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस घटनाक्रम पर अपनी जोरदार प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे ‘भ्रष्टाचार और अक्षमता’ के प्रतीक बन चुके थे, इसलिए उनका जाना तय था।
राहुल गांधी ने इस इस्तीफे को देश के छात्रों के संघर्ष की जीत करार दिया। उन्होंने कहा, “यह हमारे छात्रों की जीत है और यही भारत का भविष्य है। जिस भारतीय शिक्षा व्यवस्था की मिसाल पूरी दुनिया में दी जाती थी, उस पर पिछले कई सालों से लगातार हमले हो रहे हैं। शिक्षा का व्यवसायीकरण और उस पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी। यह इस्तीफा उसी के खिलाफ छात्रों के आक्रोश का नतीजा है।”
‘अक्षमता और भ्रष्टाचार का प्रतीक थे प्रधान’
पूर्व शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने स्पष्ट लहजे में कहा, “धर्मेंद्र प्रधान एक प्रतीक हैं- भ्रष्टाचार का प्रतीक, शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का प्रतीक और घोर अक्षमता का प्रतीक। उन्हें तो जाना ही था, और अच्छा ही हुआ कि वे चले गए।”
RSS और पीएम मोदी पर बोला सीधा हमला
राहुल गांधी ने केवल धर्मेंद्र प्रधान पर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखे सवाल दागे। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए अब ठोस और कड़े कदम उठाने की जरूरत है।
राहुल के मुताबिक, भारत के शैक्षणिक संस्थानों और पूरी शिक्षा व्यवस्था पर RSS का कब्जा एक बेहद गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि अगर इस संकट के लिए प्रधानमंत्री मोदी जिम्मेदार हैं, तो RSS भी उतनी ही कसूरवार है।
‘भविष्य की रक्षा के लिए छात्रों के साथ खड़ी है कांग्रेस’
छात्रों को धन्यवाद देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी इस आंदोलन और छात्रों के हर विरोध प्रदर्शन का पूरे दिल से समर्थन करती है।
उन्होंने अंत में जोर देते हुए कहा, “हम भारत के छात्रों और देश के भविष्य की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। यह सीधी लड़ाई अतीत (नरेंद्र मोदी और RSS) और भारत के भविष्य के बीच है। मुझे पूरा विश्वास है कि भारत का उज्ज्वल भविष्य अतीत की इन ताकतों को हरा देगा।”





