
प्रतापगढ़।
लीलापुर थाना क्षेत्र के सिंधौरा गांव में गुरुवार देर रात हुई मारपीट की सनसनीखेज घटना में एक संविदाकर्मी की जान चली गई। गांव निवासी सौरभ विश्वकर्मा को विपक्षियों ने कथित रूप से घेरकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। गंभीर हालत में परिजन उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना की खबर मिलते ही पूरे गांव में सन्नाटा छा गया, जबकि मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। घटना के बाद से गांव में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है।
बताया जाता है कि गुरुवार की रात करीब 10 बजे सौरभ विश्वकर्मा गांव में था। इसी दौरान गांव के ही कुछ लोगों से उसका विवाद हो गया। आरोप है कि विपक्षियों ने उसे घेर लिया और लाठी-डंडों से जमकर पिटाई कर दी।
हमले में सौरभ गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा घायल सौरभ को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले गए। चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए उपचार शुरू किया, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी।
सौरभ की मौत की खबर जैसे ही इटौरा गांव पहुंची, परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में कुछ घंटे पहले तक सामान्य माहौल था, वहां अब मातम पसरा हुआ है। सौरभ की मौत से गांव के लोग भी स्तब्ध हैं। घटना को लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और लोग घटना के पीछे की वजह जानने को लेकर बेचैन हैं।
घटना के बाद गांव में किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए लीलापुर पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। गांव में पुलिस का पहरा लगा दिया गया है और पुलिस कर्मी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस मारपीट में शामिल बताए जा रहे लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की पड़ताल कर रही है।
रात की मारपीट ने छीन ली जिंदगी—अब जांच पर टिकी निगाहें
गुरुवार रात करीब दस बजे हुई मारपीट के बाद कुछ ही घंटों में सौरभ की मौत हो जाने से पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। परिजनों का आरोप है कि सौरभ को जानबूझकर निशाना बनाकर बेरहमी से पीटा गया। हालांकि घटना की वास्तविक वजह और विवाद की शुरुआत क्या थी, यह पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद सिंधौरा गांव में पुलिस की मौजूदगी के बीच तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। ग्रामीणों को आशंका है कि घटना को लेकर कोई विवाद दोबारा न बढ़े, इसलिए पुलिस की सक्रियता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





