
प्रयागराज।
औद्योगिक थाना क्षेत्र में सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस की चपेट में आने से हुई दो मजदूरों की मौत के बाद शनिवार को आक्रोश भड़क गया। पोस्टमार्टम के बाद दोनों मजदूरों के शव गांव पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों ने प्रयागराज-मीरजापुर मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारी मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने और मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।
सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस से हुई थी दोनों मजदूरों की मौत
मामला औद्योगिक थाना क्षेत्र के गणेशगंज डेरी नेवादा समोगर के पास का है। धर्मेंद्र केसरवानी के निर्माणाधीन मकान में बने सेप्टिक टैंक में शुक्रवार सात अगस्त को मजदूर निहाल शुक्ला और रजत शुक्ला उतरे थे। टैंक में जहरीली गैस के कारण दम घुटने से दोनों की मौत हो गई थी।
दोनों मजदूर औद्योगिक क्षेत्र के बेंदो गांव के रहने वाले थे। घटना के बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
मकान मालिक के खिलाफ दर्ज है गैर इरादतन हत्या का मुकदमा
मामले में मृतक निहाल शुक्ला की मां विजया देवी और रजत शुक्ला के पिता विनोद शुक्ला की संयुक्त तहरीर पर पुलिस ने मकान मालिक धर्मेंद्र केसरवानी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
हालांकि, पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। शनिवार को लोगों ने बेंदो मोड़ के पास दोनों शव सड़क पर रख दिए और प्रयागराज-मीरजापुर मार्ग पर आवागमन रोक दिया।
50 लाख मुआवजा और हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों की मांग है कि दोनों परिवारों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही गैर इरादतन हत्या की धारा के बजाय हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की जा रही है।
जाम की सूचना मिलने पर एसडीएम करछना संदीप तिवारी और एसीपी सुनील कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रशासन और पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं।





