प्रतापगढ़: महुली वार्ड में जर्जर मकान बना काल, मलबे में दबकर एक ही परिवार के 6 लोगों की दर्दनाक मौत
प्रतापगढ़ के महुली वार्ड में गुरुवार तड़के जर्जर मकान ढहने से एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड ने राहत-बचाव अभियान चलाया। हादसे के बाद जर्जर भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

प्रतापगढ़।
प्रतापगढ़ नगर क्षेत्र के महुली वार्ड में गुरुवार तड़के हुए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे जिले को झकझोर दिया। करीब सुबह 3 बजे एक सदी पुराना जर्जर मकान अचानक भरभराकर ढह गया। मलबे में दबने से एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई, जबकि परिवार का एक सदस्य सुरक्षित बच गया। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
पुलिस के अनुसार, हादसे में प्रमोद श्रीवास्तव, उनकी पत्नी रीता श्रीवास्तव, बेटे नितिन, माधुरी तथा दो मासूम बच्चों की जान चली गई। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचा। घंटों चले अभियान के बाद सभी को मलबे से निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया। परिवार का अमन इस हादसे में सुरक्षित बच गया।
जर्जर भवनों की निगरानी पर उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि लगभग 100 वर्ष पुराने जर्जर मकान में परिवार का रहना कैसे जारी रहा। क्या नगर पालिका की ओर से भवन को खाली कराने या ध्वस्त करने की कोई नोटिस जारी की गई थी? यदि नोटिस दी गई थी तो उसका पालन क्यों नहीं कराया गया, और यदि नहीं दी गई थी तो इतने खतरनाक भवन की स्थिति पर प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ी? इन सभी बिंदुओं पर जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
इलाके में पसरा मातम
हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत से महुली वार्ड और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।





