हेल्थ वेलनेस सेंटरों की बदहाली पर पूर्व सांसद ने खोला मोर्चा, डीएम से संविदा समाप्त करने समेत कड़ी कार्रवाई की मांग
प्रतापगढ़ में हेल्थ वेलनेस सेंटरों की बदहाल स्थिति को लेकर पूर्व सांसद संगम लाल गुप्ता ने डीएम से शिकायत की है। उन्होंने डीसीपीएम पर कथित अवैध वसूली और लापरवाही के आरोप लगाते हुए जांच व कार्रवाई की मांग की।

प्रतापगढ़।
जिले में संचालित हेल्थ वेलनेस सेंटरों की बदहाल व्यवस्था को लेकर पूर्व सांसद संगम लाल गुप्ता ने अब सीधे जिलाधिकारी से शिकायत की है। पूर्व सांसद ने डीसीपीएम मोहम्मद नाजिम पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे प्रकरण की जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर संविदा समाप्त करने समेत कठोर विभागीय कार्रवाई किए जाने की मांग की है। पूर्व सांसद के पत्र से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है।
सांसद ने 23 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि जिले में बनाए गए हेल्थ वेलनेस सेंटरों में से अधिकांश पर तालाबंदी की स्थिति बनी हुई है। भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप न तो स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन हो पा रहा है और न ही ग्रामीण जनता को स्वास्थ्य संबंधी मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।
चिकित्सकीय स्टाफ से अवैध वसूली का आरोप पूर्व सांसद ने पत्र में आरोप लगाया है कि जिले में डीसीपीएम के पद पर संविदा के रूप में कार्यरत मोहम्मद नाजिम द्वारा हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर तैनात चिकित्सकीय स्टाफ से सांठगांठ कर कथित रूप से अवैध धन वसूली की जाती है। आरोप यह भी है कि इसके एवज में संबंधित चिकित्सकीय कर्मियों को हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर न जाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
अधिकारियों को भ्रम में रखकर तबादले कराने का भी आरोप
पूर्व सांसद ने डीसीपीएम पर एक और गंभीर आरोप लगाया है। पत्र में कहा गया है कि हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर कार्यरत कुछ सीएचओ के तबादले की व्यवस्था भी डीसीपीएम द्वारा उच्चाधिकारियों को भ्रम में रखकर मनमाने तरीके से कराई गई। पूर्व सांसद ने इसे शासनादेशों की अवहेलना बताते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है।
पूर्व सांसद का कहना है कि एक तरफ सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हेल्थ वेलनेस सेंटरों को मजबूत करने पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर जिले में इन केंद्रों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। केंद्रों पर तालाबंदी और स्वास्थ्यकर्मियों के नहीं पहुंचने से सरकार की मंशा पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं।
‘जनहित में हो कठोर कार्रवाई’
पूर्व सांसद ने जिलाधिकारी से पूरे मामले को जनहित में गंभीरता से लेते हुए डीसीपीएम मोहम्मद नाजिम के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कराने की मांग की है।
अब देखना यह है कि पूर्व सांसद की शिकायत पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई करता है। हेल्थ वेलनेस सेंटरों की कथित तालाबंदी, चिकित्सकीय स्टाफ से कथित वसूली और संविदाकर्मी को संरक्षण दिए जाने के आरोपों की जांच होने पर कई परतें खुलने की संभावना है। हालांकि, पूर्व सांसद द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना बाकी है।





