पैमाइश के दौरान खूनी संघर्ष, रास्ते के विवाद में 13 घायल; 4 जिला अस्पताल रेफर
सुल्तानपुर के बल्दीराय थाना क्षेत्र के मऊ गांव में कोर्ट के आदेश पर पैमाइश के दौरान रास्ते के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में 13 लोग घायल हुए, जिनमें 4 को जिला अस्पताल रेफर किया गया।

सुल्तानपुर।
जिले के बल्दीराय थाना क्षेत्र के मऊ गांव में वर्षों पुराने रास्ते के विवाद ने गुरुवार देर शाम हिंसक रूप ले लिया। न्यायालय के आदेश पर चल रही जमीन की पैमाइश के दौरान दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते कहासुनी लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों की खूनी झड़प में बदल गई, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
रास्ते के विवाद में जमकर चले लाठी-डंडे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अमर बहादुर मिश्र और राजेश कुमार मिश्र पक्ष के बीच पहले रास्ते को लेकर तीखी बहस हुई। कुछ ही देर बाद दोनों पक्षों के लोग बड़ी संख्या में आमने-सामने आ गए और जमकर मारपीट शुरू हो गई। संघर्ष इतना उग्र था कि कई लोग मौके पर ही घायल होकर गिर पड़े।
घटना की सूचना मिलते ही बल्दीराय पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया।
13 लोग घायल, 4 को जिला अस्पताल किया गया रेफर
पुलिस ने सभी घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बल्दीराय पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चार गंभीर घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घायलों के नाम
पहला पक्ष
- समन मिश्रा (20)
- अनुज मिश्रा (17)
- अनुभव मिश्रा (15)
- राजकुमार (28)
दूसरा पक्ष
- अंकित कुमार (22)
- कुसुम (36)
- राम शिरोमणि मिश्रा (53)
- संतोष कुमार (46)
- राहुल मिश्रा (18)
- फूलगेंदा मिश्रा (60)
- राम लली (60)
- समर बहादुर (67)
- प्रिया मिश्रा (15)
कोर्ट के आदेश पर चल रही थी पैमाइश
पुलिस के मुताबिक, रास्ते से जुड़ा मामला न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट के आदेश पर कमीशन द्वारा पैमाइश कराई जा रही थी। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई।
दोनों पक्षों पर मुकदमा दर्ज, गांव में पुलिस तैनात
क्षेत्राधिकारी बल्दीराय आशुतोष कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एहतियात के तौर पर गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
भूमि विवाद फिर बना हिंसा की वजह
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि जमीन और रास्ते से जुड़े विवाद समय रहते नहीं सुलझाए जाएं तो वे गंभीर हिंसा और कानून-व्यवस्था की समस्या का रूप ले सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और विवादों का समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत कराने की अपील की है।





