प्रतापगढ़ मेडिकल कॉलेज में ‘अंबाला कनेक्शन’! GeM के अधिकांश ठेके एक ही शहर की फर्मों को मिलने पर उठे सवाल
प्रतापगढ़ राजकीय मेडिकल कॉलेज में GeM पोर्टल के जरिए हुए अधिकांश अनुबंध अंबाला की फर्मों को मिलने पर सवाल उठ रहे हैं। ₹6 लाख के कूरियर अनुबंध सहित कई खरीद प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर चर्चा तेज।

100 टन दस्तावेजों के कूरियर का ₹6 लाख का अनुबंध भी अंबाला की फर्म के नाम, खरीद प्रक्रिया की निष्पक्षता पर चर्चा तेज
प्रतापगढ़।
राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रतापगढ़ की GeM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) के माध्यम से की जा रही खरीद एवं सेवा अनुबंधों में एक दिलचस्प पैटर्न सामने आया है। मेडिकल कॉलेज द्वारा हाल के महीनों में जारी किए गए अधिकांश कार्य हरियाणा के अंबाला स्थित फर्मों को मिलने से सवाल उठने लगे हैं कि आखिर लगभग हर बड़े अनुबंध में अंबाला की कंपनियां ही कैसे सफल हो रही हैं।
ताजा मामला कूरियर सेवा का है। GeM पोर्टल पर 24 जुलाई 2026 को जारी अनुबंध के अनुसार अंबाला की Eedium Overseas नामक फर्म को ₹6 लाख का अनुबंध दिया गया है। अनुबंध में एक ही दिन में 1,00,000 किलोग्राम (100 टन) दस्तावेजों के कूरियर का उल्लेख किया गया है, जिसने पूरे मामले को और अधिक चर्चा का विषय बना दिया है।
इससे पहले भी मेडिकल कॉलेज द्वारा एयर कंडीशनर, अस्पताल के बेड तथा अन्य खरीद संबंधी कई अनुबंधों में अंबाला की फर्मों को कार्य मिलने की जानकारी सामने आ चुकी है। लगातार एक ही शहर की फर्मों को अनुबंध मिलने से अब खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि GeM पोर्टल पर सबसे कम दर (L-1) के आधार पर कार्य आवंटित किए जाते हैं, लेकिन यदि बार-बार एक ही शहर की फर्में सफल हो रही हैं तो यह जांच का विषय है कि क्या तकनीकी शर्तें ऐसी बनाई जा रही हैं जिनसे प्रतिस्पर्धा सीमित हो रही है, अथवा यह केवल संयोग है।
अब मांग उठ रही है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन यह स्पष्ट करे कि अब तक GeM के माध्यम से जारी कितने अनुबंध अंबाला की फर्मों को मिले हैं, उनकी कुल वित्तीय राशि कितनी है और प्रत्येक अनुबंध में कितनी कंपनियों ने भाग लिया था। यदि खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है तो इन सवालों का जवाब सार्वजनिक करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए।





