637 परिषदीय विद्यालयों में 50 बच्चों का नामांकन भी नहीं, बीएसए की सख्ती से शिक्षकों में हड़कंप
प्रतापगढ़ के 637 परिषदीय विद्यालयों में 50 से कम छात्र नामांकन मिलने पर बीएसए देव व्रत सिंह ने शिक्षकों से दो दिन में स्पष्टीकरण मांगा। 7 अगस्त तक 50 से अधिक नामांकन नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी।

प्रतापगढ़। जनपद के परिषदीय विद्यालयों में छात्र नामांकन की स्थिति चिंताजनक सामने आई है। शासन द्वारा चलाए जा रहे ‘स्कूल चलो अभियान’ के बावजूद जिले के 637 परिषदीय विद्यालय ऐसे पाए गए हैं, जहां अब तक 50 से भी कम बच्चों का नामांकन हो सका है।
इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) देव व्रत सिंह ने संबंधित प्रधानाध्यापकों, प्रभारी प्रधानाध्यापकों और विद्यालय स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो कार्यदिवस के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है। इस कार्रवाई से बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।
बीएसए द्वारा 30 जुलाई को जारी आदेश में कहा गया है कि शासन के निर्देशानुसार 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तथा 1 जुलाई से 15 जुलाई तक संचालित “स्कूल चलो अभियान” के दौरान छह से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाना था। इस संबंध में पूर्व में कई बार निर्देश भी जारी किए गए थे, लेकिन समीक्षा में यह सामने आया कि 30 जुलाई तक भी 637 विद्यालयों में नामांकन 50 से कम है।
बीएसए ने अपने आदेश में कहा है कि यह स्थिति संबंधित विद्यालयों की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। नामांकन बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास न किया जाना शिक्षकों की उदासीनता और शासन के निर्देशों की अवहेलना को दर्शाता है। इसलिए सभी संबंधित शिक्षकों से दो कार्यदिवस के भीतर खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से विस्तृत स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने को कहा गया है।
7 अगस्त तक मिला अंतिम मौका
बीएसए ने निर्देश दिए हैं कि 7 अगस्त 2026 तक प्रत्येक संबंधित विद्यालय में 50 से अधिक नामांकन सुनिश्चित किया जाए। यदि निर्धारित समय सीमा तक नामांकन में अपेक्षित वृद्धि नहीं होती है तो संबंधित प्रधानाध्यापक एवं जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के तहत विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
खंड शिक्षा अधिकारियों की भी बढ़ी जिम्मेदारी
आदेश की प्रतिलिपि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भेजते हुए बीएसए ने निर्देशित किया है कि वे संबंधित विद्यालयों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर अपनी आख्या सहित कार्यालय को भेजें। साथ ही प्रतिदिन नामांकन अभियान की समीक्षा करते हुए प्रगति रिपोर्ट भी उपलब्ध कराएं।
शिक्षकों में बढ़ी चिंता
एक साथ 637 विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है। शिक्षकों के बीच विभागीय कार्रवाई की आशंका को लेकर चिंता का माहौल है। अब सभी की निगाहें 7 अगस्त की समय सीमा पर टिकी हैं, क्योंकि इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।





