राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की बैठक संपन्न, चढ़ावा व्यवस्था, CEO नियुक्ति और श्रावण मेले की तैयारियों पर मंथन
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की बैठक में चढ़ावा व्यवस्था, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति, श्रावण मेले की तैयारियों, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन किया गया।

अयोध्या/लखनऊ। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को अयोध्या में आयोजित हुई। बैठक में आगामी श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित बढ़ी हुई संख्या को देखते हुए दर्शन व्यवस्था, मंदिर प्रबंधन, चढ़ावा व्यवस्था, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति और अन्य प्रशासनिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
चढ़ावा व्यवस्था और जांच रिपोर्ट पर हुई चर्चा
बैठक में चढ़ावा राशि की गणना प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट पर भी चर्चा प्रस्तावित थी। हालांकि अंतिम जांच रिपोर्ट उपलब्ध न होने के कारण इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया। न्यास ने इस मामले से जुड़ी उच्चतम न्यायालय में लंबित याचिकाओं और न्यायालय के निर्देशों का भी संज्ञान लिया।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
न्यासियों ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए बताया कि चढ़ावा गणना कक्ष सहित सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर लगे निगरानी कैमरों की पहुंच संबंधित सुरक्षा अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई है। न्यास के अनुसार इससे सुरक्षा और पारदर्शिता दोनों को मजबूती मिली है।
स्वर्ण और रजत चढ़ावे की जांच जारी रहेगी
बैठक में जानकारी दी गई कि भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक संस्थान की टकसाल के माध्यम से स्वर्ण एवं रजत चढ़ावे की शुद्धता की जांच और उनके प्रबंधन की वर्तमान व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। न्यासी मंडल ने इस प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त किया।
SBI के साथ व्यवस्था की होगी समीक्षा
चढ़ावा राशि के प्रबंधन को लेकर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ हुए समझौते और उसके क्रियान्वयन की समीक्षा भी बैठक में की गई। न्यास ने बैंक की ओर से अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाए जाने पर असंतोष व्यक्त किया और वित्त समिति को भविष्य की व्यवस्था तथा मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की समीक्षा कर आवश्यक निर्णय लेने के निर्देश दिए।
CEO नियुक्ति के लिए मांगा गया अतिरिक्त समय
मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद पर नियुक्ति प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। चयन समिति ने बताया कि बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त होने के कारण सभी आवेदनों की गहन जांच के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। समिति ने चयन प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक माह का अतिरिक्त समय मांगा, जिस पर न्यास ने सहमति जताई।
श्रावण मेले की तैयारियों पर जोर
न्यास ने कहा कि आगामी श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की संभावना है। ऐसे में दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और अन्य सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और व्यवस्थित दर्शन का लाभ मिल सके।
न्यास ने दोहराया कि पारदर्शिता, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं और इन्हें सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।





