
फतेहपुर। अपनी लंबित मांगों को लेकर माध्यमिक शिक्षणेत्तर कर्मचारी एसोसिएशन ने मंगलवार को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से 10 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
ज्ञापन में अशासकीय सहायता प्राप्त एवं स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत लिपिकों एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को शिक्षकों की तर्ज पर कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की प्रमुख मांग उठाई गई।
संगठन का कहना है कि फरवरी 2026 से शिक्षकों को यह सुविधा मिल रही है, जबकि शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है।
कर्मचारियों ने आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने, सेवानिवृत्ति पर अर्जित अवकाश का नकदीकरण, पदोन्नति पर अतिरिक्त वेतन वृद्धि, उच्चीकृत ग्रेड पे लागू करने, हाईस्कूल के लिपिकों को इंटरमीडिएट प्रधान लिपिक के समान वेतनमान देने, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती शुरू करने, आउटसोर्स कर्मचारियों का नियमितीकरण, योग्य कर्मचारियों को शिक्षक पदों पर पदोन्नति देने तथा पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की भी मांग की।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की लंबे समय से उपेक्षा की जा रही है। यदि सरकार ने शीघ्र उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया तो पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कार्यकारी जिलाध्यक्ष कुलदीप विकार, जिला महामंत्री समय श्रीवास्तव, जिला कोषाध्यक्ष प्रेम झुसली, प्रदीप कुमार, सुहेल सिद्दीकी, दिनेश विश्वकर्मा, केशव यादव, महेश कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।





