सीतापुर में मिशनरी की 100 करोड़ की नजूल जमीन कब्जामुक्त, 8 बुलडोजरों से चला अभियान; अब बनेगा वेंडिंग जोन
सीतापुर में जिला प्रशासन ने डीएम कोर्ट के आदेश पर मिशनरी की करीब 100 करोड़ रुपये की 37 बीघा नजूल भूमि को आठ बुलडोजरों से कब्जामुक्त कराया। अब इस जमीन पर वेंडिंग जोन विकसित किया जाएगा।

सीतापुर : उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सरकारी और नजूल भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत जिला प्रशासन ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सिविल लाइन स्थित मिशनरी की करीब 100 करोड़ रुपये मूल्य की 37 बीघा नजूल भूमि को कब्जामुक्त करा लिया। जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आठ बुलडोजरों, भारी पुलिस बल और राजस्व टीम की मौजूदगी में कई घंटे तक अभियान चलाया गया। 
प्रशासन के अनुसार कुल 43 बीघा भूमि को 24 जून को जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के बाद राज्य सरकार में निहित कर दिया गया था। इनमें से करीब 7 बीघा भूमि, जहां चर्च और मिशन स्कूल संचालित हैं, फिलहाल यथावत रखी गई है, जबकि शेष 37 बीघा भूमि से अवैध कब्जे हटाए गए।
प्रशासन का कहना है कि यह भूमि वर्ष 1906 में मिशन बंगला स्थापित करने के लिए लीज पर दी गई थी, लेकिन निर्धारित शर्तों का पालन नहीं होने के कारण लीज निरस्त कर दी गई। संबंधित पक्ष को 30 अप्रैल को नोटिस जारी किया गया था। सुनवाई पूरी होने के बाद 24 जून को अंतिम आदेश पारित हुआ और निर्धारित समय सीमा समाप्त होने पर कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई।
1906 की लीज को माना गया वैध आधार
सुनवाई के दौरान विद्यालय प्रबंधन ने वर्ष 1862 की कथित सेल डीड के आधार पर भूमि को निजी फ्री-होल्ड संपत्ति बताया, लेकिन जिलाधिकारी न्यायालय ने इस दावे को अस्वीकार कर दिया। आदेश में कहा गया कि विद्यालय प्रबंधन स्वयं वर्षों से 1906 की लीज और नजूल अभिलेखों के आधार पर लगान जमा करता रहा है। ऐसे में निजी स्वामित्व का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि नजूल भूमि पर अंतिम अधिकार राज्य सरकार का है।
अब विकसित होगा वेंडिंग जोन
एसडीएम सदर डॉ. जनार्दन ने बताया कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश और विधिक प्रक्रिया के तहत की गई है। कब्जामुक्त कराई गई भूमि को अब प्रशासन अपने कब्जे में लेकर नगर पालिका के माध्यम से वेंडिंग जोन के रूप में विकसित करेगा।
सरकारी भूमि पर लगातार जारी है अभियान
सीतापुर में जिलाधिकारी के नेतृत्व में सरकारी, नजूल और सार्वजनिक संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने का अभियान लगातार जारी है। इससे पहले प्रशासन प्लाइवुड फैक्ट्री, रम्पा टॉकीज, रानी कोठी, टाउन हॉल परिसर और समाजवादी पार्टी कार्यालय समेत कई बहुमूल्य परिसरों को भी कब्जामुक्त करा चुका है। प्रशासन का कहना है कि प्रत्येक कार्रवाई राजस्व अभिलेखों की जांच, नोटिस और न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही की जा रही है।





