चंदा चोरी में बड़े लोगों को बचाने का प्रयास कर रही मोदी सरकार : प्रमोद तिवारी
प्रमोद तिवारी ने श्रीराम मंदिर चंदा चोरी मामले में मोदी सरकार पर बड़े लोगों को बचाने का आरोप लगाया। राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता ने निष्पक्ष जांच और भाजपा पर राजनीतिक मूल्यों में गिरावट का हमला बोला।

लालगंज, प्रतापगढ़। राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने श्रीराम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर में चंदा चोरी के मामले में बड़े लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस गंभीर मुद्दे पर अब तक मौन हैं।
शुक्रवार को मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के माध्यम से जारी बयान में प्रमोद तिवारी ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के पवित्र मंदिर से जुड़े चंदे की गड़बड़ी को लेकर राम भक्तों के मन में कई सवाल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से किया गया संगठित अपराध है।
उन्होंने कहा कि चंदा चोरी की घटनाओं का कई बार खुलासा हुआ, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार लोगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मामले में गंभीर तथ्य सामने आए हैं तो प्रमुख जिम्मेदार लोग अब तक कानून के शिकंजे से बाहर क्यों हैं।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए, जिससे सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें इस मामले में देश की जनता से जवाब मांगने के बजाय जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस पर भगवान श्रीराम के अस्तित्व को लेकर भाजपा के आरोपों को भी खारिज किया। कहा कि इतिहास गवाह है कि वर्ष 1989 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि का शिलान्यास हुआ था।
वहीं, टीएमसी नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के फैसले पर भी प्रमोद तिवारी ने भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने इसे राजनीतिक मूल्यों में गिरावट की पराकाष्ठा बताते हुए कहा कि भाजपा को अपने पुराने आदर्शों को याद करना चाहिए। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के एक वोट से सरकार गिरने के बाद इस्तीफा देने का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्तमान भाजपा का आचरण उसके कथित “चाल, चरित्र और चेहरे” से अलग दिखाई दे रहा है।





