26 साल पुराने गैंगस्टर मामले में दोषी को 4 साल की सजा, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मिली सफलता
प्रतापगढ़ में 26 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट मामले में विशेष न्यायालय ने दोषी को 4 वर्ष के कठोर कारावास और ₹5,000 जुर्माने की सजा सुनाई। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी से मिली सफलता।

प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते 26 वर्ष पुराने गैंगस्टर एक्ट के मामले में विशेष न्यायालय ने दोषी को चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर ₹5,000 का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड जमा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट, प्रतापगढ़ ने गुदुन पुत्र रोधई पासी, निवासी शेखपुर आशिक, थाना कुंडा को धारा 2/3 उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई।
पुलिस के अनुसार थाना मानिकपुर में 26 सितंबर 2000 को अपराध संख्या 121/2000 के तहत गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना पूरी होने के बाद 5 दिसंबर 2000 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” के अंतर्गत प्रतापगढ़ पुलिस वैज्ञानिक विवेचना, साक्ष्य संकलन और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के माध्यम से चिन्हित मामलों में त्वरित सजा दिलाने के अभियान में लगातार सफलता हासिल कर रही है।
पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन तथा वरिष्ठ अधिकारियों के पर्यवेक्षण में संचालित इस अभियान के तहत एडीजीसी अंबिकेश मणि त्रिपाठी, तत्कालीन विवेचक एवं तत्कालीन थाना प्रभारी डी.के. उपाध्याय तथा थाना मानिकपुर के पैरोकार कांस्टेबल मनोज भारद्वाज की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय ने 8 जुलाई 2026 को दोषसिद्ध अभियुक्त को चार वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹5,000 के अर्थदंड से दंडित किया।





