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देश के हर नागरिक का भरोसा है भारतीय डाक केवल संदेश पहुंचाने का माध्यम नहीं- पोस्टमास्टर जनरल
नेशनल पोस्टल वर्कर्स डे 2026 पर पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि भारतीय डाक आज केवल संदेश पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि भरोसे, सरकारी सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं का मजबूत तंत्र बन चुका है। डाककर्मी हर परिस्थिति में जरूरी दस्तावेज, पार्सल और सेवाएं लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

प्रयागराज। भारतीय डाक केवल संदेश पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक तक भरोसा, सुविधा और शासकीय सेवाओं को पहुंचाने वाला एक सशक्त तंत्र बन चुका है।
विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं जनकल्याणकारी सेवाओं को आम नागरिकों तक पहुँचाने में भी डाक कर्मी सरकार और जनता के बीच एक सशक्त एवं विश्वसनीय सेतु के रूप में उभरकर सामने आए हैं।
डाक कर्मी लंबे समय से समाज की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं और प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को मनाया जाने वाला “नेशनल पोस्टल वर्कर्स डे” उनके अमूल्य योगदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है।
उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि ‘नेशनल पोस्टल वर्कर डे’ की अवधारणा अमेरिका से आई, जहां वाशिंगटन राज्य के सीएटल शहर में वर्ष 1997 में कर्मचारियों के सम्मान में इस विशेष दिवस की शुरुआत की गई।
धीरे-धीरे इसे भारत सहित अन्य देशों में भी मनाया जाने लगा। यह दिन दुनिया भर में डाककर्मियों द्वारा की जाने वाली सेवा के सम्मान में मनाया जाता है, जो हमारे समुदायों को आपस में जोड़े रखते हैं।
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि संचार के क्षेत्र में डिजिटलीकरण ने भले ही व्यापक परिवर्तन ला दिया हो, लेकिन डाककर्मी आज भी वितरण व्यवस्था की रीढ़ बने हुए हैं। प्रतिकूल मौसम और विषम परिस्थितियों के बावजूद डाककर्मी प्रतिदिन लंबी दूरी तय कर पत्र, स्पीड पोस्ट, पार्सल, ई-कॉमर्स उत्पाद, मेडिकल सप्लाई की समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित करते हैं।
भारत में आधार कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक चेक बुक, एटीएम कार्ड, पीएम विश्वकर्मा टूल किट्स, परीक्षा सामग्री, विभिन्न मंदिरों के प्रसाद, गंगाजल सहित अनेक महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं आवश्यक सामग्री का वितरण पोस्टमैन के माध्यम से किया जाता है।



