बड़े महाराज उदय प्रताप समेत 13 लोग हाउसअरेस्ट, मोहर्रम को लेकर प्रशासन ने की कार्रवाई
मोहर्रम के लिए प्रतापगढ़ प्रशासन ने राजा उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोगों को हाउस अरेस्ट किया। सभी के घरों पर नोटिस चस्पा कर पुलिस तैनात की गई है और शुक्रवार रात 9 बजे तक घरों में रहने के निर्देश दिए गए हैं। कई वर्षो से प्रशासन इस कार्रवाई को जारी रख रहा है

कुंडा, प्रतापगढ़। मोहर्रम को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए राजा उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोगों को हाउस अरेस्ट कर दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हाउस अरेस्ट किए गए सभी व्यक्तियों के घरों पर नोटिस चस्पा कर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। 
प्रतापगढ़ कुंडा के शेखपुर में मोहर्रम के दिन भंडारा होता था l इसको लेकर दूसरे समुदाय के लोगों को आपत्ति होती थी l इसको लेकर कई बार ताज़िया नहीं उठाया गया I इस पर प्रशासन ने भंडारे पर रोक लगाई l इससे भी प्रशासन संतुष्ट नहीं हुआ और बड़े महाराज उदय प्रताप सिंह समेत दर्जनों लोगों को नजर बंद करने की कार्रवाई शुरु कर दी l इसके साथ ही 300 से 500 लोगों को पाबंद किया जाने लगा l यह कार्रवाई पारंपरिक हो गई है और इसे अब कई वर्षों से दोहराया जा रहा है l हालांकि कई जनपदों से आने वाली पुलिस की संख्या अब कम हो गई है l इस बार भी 300 से अधिक लोगों को शांतिभंग की धारा में पाबंद किया गया है और गुरुवार को बड़े महराज सहित 13 लोगों को हाउस अरेस्ट कर दिया गया l 
प्रशासन द्वारा जिन लोगों को हाउस अरेस्ट किया गया है उनमें राजा उदय प्रताप सिंह, निर्भय सिंह (बेंती), जुगनू विश्वकर्मा ( गोपालगंज हथिगवां), हनुमान पांडेय (कुंडा), जितेंद्र यादव, आनंद पाल, रमाकांत मिश्रा, भवानी विश्वकर्मा, रवि सिंह, केशरी नंदन पांडेय, जमुना प्रसाद मौर्य, गया प्रसाद प्रजापति तथा मोहन पुत्र रामजन्म (गोपालगंज, हथिगवां) शामिल हैं।
पुलिस प्रशासन ने सभी के घरों पर नोटिस चस्पा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्धारित अवधि तक वे अपने आवास से बाहर नहीं निकलेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत संबंधित स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है ताकि आदेश का पालन सुनिश्चित कराया जा सके।
एडिशनल एसपी पश्चिमी ने बताया कि मोहर्रम के दौरान कानून-व्यवस्था एवं सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है। हाउस अरेस्ट किए गए सभी व्यक्तियों को शुक्रवार रात 9 बजे तक घरों में रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की अवहेलना पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि पर्व के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।





