कुंडा में होगा बागेश्वर धाम सरकार का चार दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव, लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद
जनपद प्रतापगढ़ में कुंडा के राजभवन बेंती में 17 से 20 नवंबर 2026 तक बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की चार दिवसीय श्रीराम कथा होगी। लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।

कुंडा, प्रतापगढ़। कुंडा क्षेत्र वर्ष 2026 में एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की चार दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन 17 से 20 नवंबर 2026 तक राजभवन बेंती स्थित हवाई पट्टी (परेड ग्राउंड) में किया जाएगा। आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। 
जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कुंडा विधायक राजा भैया ने कहा कि जहां-जहां भगवान श्रीराम की कथा होती है, वहां स्वयं हनुमान जी पूरी व्यवस्था संभालते हैं। वही आयोजक होते हैं, वही जजमान होते हैं और हम सभी केवल कार्यकर्ता की भूमिका में रहते हैं। उन्होंने बताया कि कथा के आयोजक के रूप में जनसत्ता दल परिवार जजमान की भूमिका निभाएगा।
बताया गया कि इस भव्य कथा महोत्सव में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने प्रवचनों के माध्यम से शक्ति, शांति, संस्कार और राष्ट्र जागरण का संदेश देंगे। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को सनातन धर्म के मूल्यों एवं राष्ट्रभक्ति की भावना से जोड़ना भी है।
हाल ही में राजभवन बेंती प्रवास के दौरान राजा भैया ने प्रस्तावित कथा स्थल और पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।
इस बीच राजा भैया ने कहा कि क्षेत्र और आयोजन को लेकर नकारात्मक छवि प्रस्तुत करने वाले लोग भी कथा में अवश्य शामिल हों। उन्होंने कहा कि कथा का वातावरण लोगों के विचारों को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करता है।
बेंती स्थित प्रसिद्ध तालाब का उल्लेख भी हो रहा है लोगों का कहना है कि समय-समय पर वहां मगरमच्छ होने की चर्चाएं उठती रहती हैं। ऐसे में जो लोग नकारात्मक सोच रखते हैं, वे तालाब में स्नान कर अपनी विचारधारा का परिमार्जन भी कर सकते हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि तालाब में मगरमच्छ हैं अथवा नहीं।

राजा भैया ने कहा कि यह कथा महोत्सव क्षेत्रवासियों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा, भक्ति, सामाजिक समरसता और धर्म जागरण का ऐतिहासिक अवसर सिद्ध होगा।





