सीतापुर: बिना बिजली कनेक्शन के प्राथमिक स्कूल को भेजा ₹46 हजार का बिल, तीन साल से पेड़ के नीचे पढ़ रहे बच्चे
सीतापुर के सकरन ब्लॉक के कल्ली प्राथमिक विद्यालय में तीन साल बाद भी बिजली कनेक्शन नहीं मिला, लेकिन 46,292 रुपये का बिजली बिल जारी कर दिया गया। बिजली न होने से बच्चे पेड़ के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

सीतापुर :
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। सकरन विकास खंड की ग्राम पंचायत कल्ली स्थित प्राथमिक विद्यालय में तीन साल पहले बिजली कनेक्शन के लिए शुल्क जमा करने के बावजूद आज तक कनेक्शन नहीं मिला, लेकिन विभाग ने विद्यालय के नाम 46,292.92 रुपये का बिजली बिल जारी कर दिया। इस बीच बिजली के अभाव में छात्र भीषण गर्मी में पेड़ की छांव में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक विनय कुमार सिंह के अनुसार, स्कूल ने 13 दिसंबर 2022 को झटपट पोर्टल पर बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। इसके बाद 25 दिसंबर 2022 को 59 रुपये और 25 जनवरी 2023 को 6,498.06 रुपये का निर्धारित शुल्क भी जमा कर दिया गया। इसके बावजूद विभाग ने अब तक न तो बिजली कनेक्शन दिया और न ही परिसर में विद्युत लाइन बिछाई।
बिजली नहीं, फिर भी हजारों रुपये का बिल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस विद्यालय में आज तक एक भी यूनिट बिजली की खपत नहीं हुई, वहां जुलाई 2026 तक 46,292.92 रुपये का बिजली बिल किस आधार पर जारी किया गया। विद्यालय में पंखे, लाइट और अन्य विद्युत उपकरण केवल शोपीस बने हुए हैं, जबकि बच्चों की पढ़ाई खुले में चल रही है।
प्रधानाध्यापक का कहना है कि उन्होंने कई बार लहरपुर विद्युत उपकेंद्र में लिखित शिकायत दी, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला। उनका कहना है कि बिजली न होने से पढ़ाई का वातावरण प्रभावित हो रहा है और डिजिटल शिक्षा जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ भी विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच पा रहा।
ग्रामीणों ने उठाई जवाबदेही तय करने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह विभागीय लापरवाही है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उनका सवाल है कि जब न बिजली का कनेक्शन दिया गया, न वायरिंग हुई और न ही बिजली की खपत हुई, तो इतना बड़ा बिल कैसे जारी कर दिया गया।
उधर लहरपुर विद्युत उपकेंद्र के टेक्नीशियन जुम्मन खां ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों से बातचीत कर विद्यालय का बिजली कनेक्शन जल्द उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।





