
प्रतापगढ़।
भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर डॉ. सोनेलाल पटेल स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान हुई मानवीय त्रासदी और विस्थापन को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करने का संदेश दिया।
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक ओम प्रकाश ने कहा कि देश का विभाजन मानवीय वेदना का वीभत्स रूप था। वर्ष 1947 में विभाजन के दौरान लाखों लोगों को अपने घर, जमीन और जड़ों से विस्थापित होना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह इतिहास का ऐसा पीड़ादायक अध्याय है, जिसकी स्मृति समाज को भविष्य के लिए सीख देती है।
ओम प्रकाश ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है। यहां अलग-अलग भाषाएं, संस्कृतियां, परंपराएं और विचारधाराएं देश की शक्ति हैं। इन विविधताओं का सम्मान करते हुए राष्ट्र की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
कार्यक्रम के आयोजक एनएमओ काशी प्रांत के संयुक्त सचिव एवं अक्षत फाउंडेशन भारत के संस्थापक-अध्यक्ष डॉ. जेपी वर्मा ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस इतिहास के उस पीड़ादायक अध्याय की याद दिलाता है, जब लाखों परिवारों ने अपनों को खोया और बड़ी संख्या में लोगों को शरणार्थी बनकर कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताना पड़ा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. सोमनाथ ने भी विभाजन की त्रासदी को याद किया। उन्होंने कहा कि इतिहास की घटनाओं को याद करने का उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाना और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एकता की भावना को मजबूत करना है।
संगोष्ठी में डॉ. मंजूषा, डॉ. मयंक शुक्ला, देवांश, डॉ. शशांक सहित अन्य लोग मौजूद रहे।





