
प्रयागराज।
इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने निजी अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि नाज़ फातिमा हॉस्पिटल में महिला का समुचित इलाज नहीं किया गया, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और आखिरकार उसकी मौत हो गई।
महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पति और अन्य परिजनों ने अस्पताल की इलाज व्यवस्था और चिकित्सकीय प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि यदि महिला को समय रहते बेहतर उपचार मिलता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।
मृतका के पति ने शासन-प्रशासन और सरकार से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अस्पताल में मरीजों के इलाज की व्यवस्था की जांच के साथ वहां कार्यरत डॉक्टरों की शैक्षिक योग्यता और चिकित्सकीय डिग्रियों का सत्यापन कराने की मांग भी की है।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल के चिकित्सकीय रिकॉर्ड, महिला के इलाज की प्रक्रिया और संबंधित डॉक्टरों की योग्यता की जांच होनी चाहिए। यदि जांच में इलाज में लापरवाही या किसी नियम के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो अस्पताल प्रबंधन और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। उनका कहना है कि अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और उचित इलाज सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।
हालांकि, अस्पताल पर लगाए गए इलाज में लापरवाही के आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। अस्पताल प्रबंधन या संबंधित डॉक्टरों की ओर से कोई आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना उचित होगा।





