
प्रतापगढ़।
तहसील बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं के बीच एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जूनियर बार एसोसिएशन (पुरातन) प्रतापगढ़ के अध्यक्ष करुणा शंकर मिश्र ने अधिवक्ताओं से आगामी तहसील बार चुनाव में किसी भी तरह भाग न लेने का आह्वान किया है। अध्यक्ष की ओर से जारी पत्र में चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्ति जताते हुए अधिवक्ताओं को सावधान किया गया है।
जूनियर बार अध्यक्ष ने जारी पत्र में कहा है कि 12 अगस्त 2026 को होने वाले तहसील बार के चुनाव के संबंध में उच्च न्यायालय एवं बार काउंसिल से संबंधित निर्देशों का पालन किया जाना आवश्यक है। पत्र में चुनाव में भाग लेने वाले अधिवक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की आशंका भी जताई गई है।
‘चुनाव में भाग लिया तो हो सकती है कार्रवाई’
अध्यक्ष करुणा शंकर मिश्र ने अधिवक्ताओं से स्पष्ट अपील की है कि वे तहसील बार के चुनाव में प्रत्याशी बनने, मतदान करने अथवा किसी अन्य रूप में चुनाव प्रक्रिया में शामिल होने से बचें। उनका कहना है कि यदि चुनाव निर्धारित नियमों एवं निर्देशों के विपरीत कराया जाता है तो उसमें भागीदारी करने वाले अधिवक्ताओं के सामने अनुशासनात्मक कार्रवाई का संकट खड़ा हो सकता है।
पत्र जारी होते ही अधिवक्ता जगत में चर्चा तेज
जूनियर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष का यह पत्र सामने आने के बाद तहसील बार के चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। खास बात यह है कि चुनाव की तारीख नजदीक होने के बीच इस तरह की अपील सामने आने से चुनावी माहौल पर भी असर पड़ने की संभावना है। अधिवक्ता अब इस बात को लेकर चर्चा कर रहे हैं कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर आखिर ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई और संबंधित निर्देशों का पालन किस प्रकार किया जाना है।
बार की गरिमा और अधिवक्ता हित का दिया हवाला
करुणा शंकर मिश्र ने अपनी अपील में अधिवक्ताओं से बार की गरिमा, नियमों और अधिवक्ता हित को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी चुनाव प्रक्रिया में शामिल होने से पहले उसके संबंध में जारी निर्देशों और नियमों की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
अब देखना यह है कि 12 अगस्त को प्रस्तावित तहसील बार चुनाव को लेकर आगे क्या स्थिति बनती है और अधिवक्ता समुदाय इस अपील पर किस तरह की प्रतिक्रिया देता है। फिलहाल जूनियर बार अध्यक्ष के पत्र ने तहसील बार की चुनावी राजनीति को गरमा दिया है।





