आचार्य नरेंद्र देव कृषि विवि का 28वां दीक्षांत समारोह: 774 छात्र-छात्राओं को मिली उपाधि, 24 मेधावियों को 25 स्वर्ण पदक
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 28वें दीक्षांत समारोह में 774 छात्र-छात्राओं को उपाधियां और 24 मेधावियों को 25 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए।

अयोध्या।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 28वां दीक्षांत समारोह उत्साह और उपलब्धियों के बीच संपन्न हुआ। समारोह में प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने 774 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान कीं। वहीं विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 24 मेधावियों को कुल 25 स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। स्वर्ण पदक प्राप्त करते ही मेधावियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कई छात्र-छात्राएं पदक के साथ सेल्फी लेते नजर आए, जबकि कुछ ने पदक को चूमकर अपनी खुशी जाहिर की। विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को बधाई दी और गुरुजनों से आशीर्वाद लिया।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के साथ उसकी व्यवस्थाओं में मौजूद कमियों पर भी गंभीरता से ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को अपनी व्यवस्थाओं में लगातार सुधार करने की जरूरत है। उन्होंने छात्रावासों में आवश्यक सुविधाओं की कमी, मेस की सफाई, पार्किंग व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विशेष निर्देश दिए।
राज्यपाल ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में 27 छात्रावास हैं, जिनमें आठ छात्रावास छात्राओं के लिए हैं। उन्होंने छात्रावासों में वाशिंग मशीन और वाई-फाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। मेस की रसोई की सफाई व्यवस्था बेहतर करने के साथ ही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने ब्रांडेड मसालों और बेहतर गुणवत्ता वाले पनीर के इस्तेमाल की बात कही।
उन्होंने छात्रावासों में दोपहिया वाहनों की अनियमित पार्किंग की शिकायत पर भी ध्यान देने को कहा। परिसर में जनरल स्टोर और दवा की दुकान की आवश्यकता बताते हुए इन्हें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। किसान भवन के छात्रावास के मेस में नॉनवेज बनाए जाने की शिकायत पर भी उन्होंने व्यवस्था सुधारने को कहा।
स्वास्थ्य केंद्र में नियमित डॉक्टर और परीक्षा के दौरान पुस्तकालय खोलने के निर्देश
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वहां डॉक्टर केवल दो घंटे आते हैं, ऐसे में नियमित चिकित्सक की व्यवस्था की जानी चाहिए। स्वास्थ्य केंद्र पर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। छात्रों की मांग के अनुरूप परीक्षा के समय रविवार को भी पुस्तकालय खोलने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने सभी छात्रावासों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और नए निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने की आवश्यकता बताई।
24 मेधावियों को मिले 25 स्वर्ण पदक
दीक्षांत समारोह में कुल 25 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इनमें पांच कुलाधिपति स्वर्ण पदक, 13 कुलपति स्वर्ण पदक और सात विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक शामिल हैं।
कुलाधिपति स्वर्ण पदक के तहत स्नातक के तीन, स्नातकोत्तर के एक और पीएचडी के एक मेधावी को सम्मानित किया गया। वहीं 13 कुलपति स्वर्ण पदकों में स्नातक के सात, स्नातकोत्तर के पांच और पीएचडी के एक मेधावी शामिल रहे। विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक के तहत स्नातक के छह और पीएचडी के एक मेधावी को सम्मानित किया गया।
विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों और मुख्य परिसर से स्नातक के 388, परास्नातक के 335 और पीएचडी के 51, कुल 774 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गईं। समारोह के दौरान वर्ष 2025-26 में उत्तीर्ण विद्यार्थियों के प्रमाण पत्र भारत सरकार के डिजीलॉकर में अपलोड किए गए।
डॉ. सुप्रिया और डॉ. जगबीर सिंह को उत्कृष्ट शिक्षक अवार्ड
समारोह में पहली बार शिक्षण कार्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले डॉ. सुप्रिया और डॉ. जगबीर सिंह को उत्कृष्ट शिक्षक अवार्ड से सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने दोनों शिक्षकों को पांच-पांच हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की।
विश्वविद्यालय स्तर पर कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने अधिकारियों के साथ बैठक कर शिक्षकों का साक्षात्कार कराया था। इसके बाद उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार के लिए शिक्षकों का चयन किया गया।
आधा दर्जन पुस्तकों का हुआ विमोचन
कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल और अन्य अतिथियों ने समारोह में आधा दर्जन पुस्तकों का विमोचन भी किया। इनमें स्मारिका, वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 और पूर्वांचल खेती सहित अन्य पुस्तकें शामिल रहीं।
राज्यपाल की ओर से स्कूली बच्चों को 200 पुस्तकें भी भेंट की गईं। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बीच आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग और फल देकर सम्मानित किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आंगनबाड़ी किट प्रदान कर शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया गया।
पांच प्रगतिशील किसान भी सम्मानित
दीक्षांत समारोह के दौरान विभिन्न जनपदों से आए पांच प्रगतिशील किसानों को भी सम्मानित किया गया। ऊषा सिंह को हस्तशिल्प कला एवं दलहन उत्पादन, जमील अहमद को औद्यानिक फसलों की खेती, सीप मोती उत्पादन और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
शबीना खातून को ड्रोन तकनीक के जरिए कृषि विविधीकरण और कुमारी हिमांशु को केले के रेशों से बनने वाले उत्पाद के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
अमेठी और अंबेडकर नगर की पांच-पांच आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी आंगनबाड़ी किट प्रदान की गई। आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए ट्राईसाइकिल, किताबें, झूले वाले घोड़े, एजुकेशनल मैप, फल और गेंद समेत अन्य सामग्री भी दी गई।





