प्रतापगढ़ महुली हादसा: विधायक ने पालिका प्रशासन को घेरा, बोले- समय रहते कार्रवाई होती तो नहीं जातीं छह जानें
प्रतापगढ़ के महुली वार्ड में जर्जर मकान गिरने से छह लोगों की मौत के बाद विधायक ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों को समय पर आवास मिलता और जर्जर भवनों का निरीक्षण होता तो हादसा टाला जा सकता था।

प्रतापगढ़ l
महुली वार्ड में जर्जर मकान ढहने से एक ही परिवार के छह लोगों की मौत के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए स्थानीय विधायक ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि यदि समय रहते जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराया गया होता तथा जर्जर भवनों का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की गई होती, तो यह दुखद हादसा टल सकता था।
विधायक ने कहा कि उन्होंने पहले ही नगर पालिका प्रशासन को जरूरतमंद परिवारों की सूची सौंपकर पात्र लोगों को आवास उपलब्ध कराने की सिफारिश की थी, लेकिन उस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने उनके पत्र पर गंभीरता से संज्ञान लेकर जर्जर मकानों का निरीक्षण कराया होता, तो इस प्रकार की त्रासदी से बचा जा सकता था।
उन्होंने यह भी कहा कि बरसात के मौसम में अत्यधिक जर्जर भवनों में रहने वाले परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए थी। यदि ऐसा किया गया होता, तो एक ही परिवार के छह लोगों की जान शायद बचाई जा सकती थी।
विधायक ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता, आवास उपलब्ध कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी से जुड़ा गंभीर मामला है।
विधायक ने बताया कि वह इस पूरे प्रकरण को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाएंगे और पीड़ित परिवार को हरसंभव न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे।
नोट: हादसे के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर आधिकारिक जांच जारी है। प्रशासन की ओर से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही किसी भी स्तर पर लापरवाही या जवाबदेही का अंतिम निर्धारण होगा।





