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प्रतापगढ़ बाल विकास विभाग में तबादला विवाद: 10 साल से एक ही परियोजना में जमे बाबू पर सवाल, जांच की मांग

प्रतापगढ़ के बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में स्थानांतरण और तैनाती को लेकर विवाद गहरा गया है। एक बाबू के 10 वर्षों से एक ही परियोजना में तैनात रहने और कागजों में दूसरी परियोजना में पोस्टिंग दिखाने के आरोपों पर जांच की मांग उठी है।

प्रतापगढ़:

जिले के बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में कर्मचारियों की तैनाती और स्थानांतरण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। विभाग में लंबे समय से एक ही परियोजना में तैनात कर्मचारियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। जनहित कार्यकर्ता राम अवतार ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) से शिकायत कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

10 वर्षों से एक ही परियोजना में तैनाती का आरोप

शिकायत के अनुसार, सांगीपुर परियोजना में तैनात लिपिक महेंद्र सिंह करीब 10 वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं। आरोप है कि पिछले वर्ष उनका स्थानांतरण दूसरी परियोजना में दिखाया गया, लेकिन वह आज भी सांगीपुर परियोजना में ही कार्य कर रहे हैं।

शिकायतकर्ता का कहना है कि शासन की स्थानांतरण नीति के विपरीत लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे कर्मचारियों को हटाने के बजाय उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है।

एक वर्ष पूरा नहीं, फिर भी कर दिया स्थानांतरण

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जिन कर्मचारियों की एक वर्ष की सेवा भी पूरी नहीं हुई, उनका दूसरी परियोजना में स्थानांतरण कर दिया गया। वहीं, वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत कर्मचारियों को नहीं हटाया गया। इससे विभागीय स्थानांतरण प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।

आसपुर देवसरा परियोजना में ‘कागजों पर तैनाती’ का आरोप

मामले का सबसे गंभीर पहलू आसपुर देवसरा परियोजना को लेकर सामने आया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि परियोजना में वास्तविक रूप से कोई बाबू तैनात नहीं है, जबकि विभागीय अभिलेखों में वहां एक लिपिक की तैनाती दर्ज है।

यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो विभाग की तैनाती व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो सकते हैं।

गृह ब्लॉक में तैनाती को लेकर भी उठे सवाल

शिकायत में यह भी कहा गया है कि विभाग के कई कर्मचारी अपने गृह ब्लॉक में ही तैनात हैं। ऐसे में शासन की स्थानांतरण नीति के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

जांच की मांग, अधिकारियों की कार्रवाई पर नजर

शिकायतकर्ता ने मुख्य विकास अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सभी स्थानांतरण आदेशों की समीक्षा करने तथा कर्मचारियों के वास्तविक कार्यस्थलों का सत्यापन कराने की मांग की है।

हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन शिकायत की जांच कराकर तथ्यों को सार्वजनिक करता है या मामला केवल शिकायत तक सीमित रह जाता है।

Shivram Giri

शिवराम गिरि वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 17 वर्षों का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दैनिक जागरण, अमर उजाला और भारत समाचार जैसे देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। पत्रकारिता के हर माध्यम पर उनकी मज़बूत पकड़ उन्हें मीडिया जगत में एक विश्वसनीय आवाज बनाती है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली पत्रकारिता उनकी पहचान है।

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