सांसद अवधेश प्रसाद के पोस्टर पर जूते चलाने के विरोध में सपा का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
अयोध्या में सांसद अवधेश प्रसाद के पोस्टर पर जूते-चप्पल चलाए जाने के विरोध में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

अयोध्या।
सांसद अवधेश प्रसाद के पोस्टर पर कथित रूप से जूते-चप्पल चलाए जाने की घटना के विरोध में सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने अयोध्या में प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष पारसनाथ यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे तथा राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
यह विरोध प्रदर्शन संसद परिसर में कांग्रेस सांसद पप्पू यादव के भगवा वस्त्र पहनकर किए गए प्रदर्शन के बाद शुरू हुए राजनीतिक विवाद की पृष्ठभूमि में आयोजित किया गया।
सपा नेताओं ने जताया विरोध
जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव ने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल के नेताओं के चित्रों का सार्वजनिक रूप से अपमान करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेगी।
पूर्व मंत्री आनंद सेन यादव ने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर अभद्रता लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और प्रशासन को निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।
वहीं, पूर्व प्रत्याशी अजीत प्रसाद ने आरोप लगाया कि यह घटना केवल सांसद अवधेश प्रसाद ही नहीं, बल्कि दलित समाज की भावनाओं का भी अपमान है। उन्होंने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
पूर्व विधायक अब्बास अली जैदी उर्फ रुश्दी मियां ने कहा कि लोकतंत्र संवाद, सम्मान और सहिष्णुता से चलता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख मांगें
सपा नेताओं ने राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में मांग की कि:
- घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक शुचिता बनाए रखने का संकल्प भी दोहराया।





