शिक्षामित्रों का कलेक्ट्रेट पर बड़ा प्रदर्शन, 25 अगस्त के बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
फतेहपुर में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री के नाम छह सूत्रीय ज्ञापन भेजते हुए मूल विद्यालय वापसी, विशेष TET, शिक्षक पद पर समायोजन और 12 माह के मानदेय सहित कई मांगें उठाईं। 25 अगस्त के बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी गई।
फतेहपुर।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के बैनर तले सोमवार को जिले के सैकड़ों शिक्षामित्रों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि 25 अगस्त तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो जिले में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
संघ के जिलाध्यक्ष सुशील तिवारी ने कहा कि प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षामित्र पिछले 26 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनकी प्रमुख समस्याओं का अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि 3 जनवरी 2025 को जारी शासनादेश के अनुसार शिक्षामित्रों की मूल विद्यालय वापसी और महिला शिक्षामित्रों को उनके पति के निवास क्षेत्र के विद्यालय में स्थानांतरण का प्रावधान किया गया था। कई जिलों में इस पर अमल हो चुका है, लेकिन फतेहपुर में अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि जिले के कई शिक्षामित्रों को प्रतिदिन 80 से 90 किलोमीटर की दूरी तय कर विद्यालय जाना पड़ता है। यदि 25 अगस्त तक आदेश लागू नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
जिला महामंत्री रविन्द्र पटेल ने बताया कि ज्ञापन में विशेष TET परीक्षा, TET और NCTE मानकों को पूरा करने वाले लगभग 60 हजार शिक्षामित्रों के शिक्षक पद पर समायोजन, 12 माह का मानदेय, तथा सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने की मांग शामिल है।
जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील मिश्रा ने सेवा के दौरान मृत शिक्षामित्रों के परिजनों को आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई। इसके अलावा शिक्षामित्रों के लिए 14 आकस्मिक अवकाश (CL) और मेडिकल लीव की सुविधा लागू करने की भी मांग की गई।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे और सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।





