प्रतापगढ़ में प्रतिबंधित लकड़ी कारोबार का आरोप, अवतार धर्मकांटा जांच के घेरे में; फोटो-वीडियो से मचा हड़कंप
प्रतापगढ़ के मानिकपुर क्षेत्र में अवतार धर्मकांटा पर प्रतिबंधित प्रजाति की लकड़ियों की कथित खरीद-फरोख्त और तौल का मामला सामने आया है। फोटो-वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए हैं।

मानिकपुर, प्रतापगढ़।
प्रयागराज-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर लाटतारा के पास स्थित अवतार धर्मकांटा इन दिनों कथित रूप से प्रतिबंधित प्रजाति की लकड़ियों की खरीद-फरोख्त और तौल के आरोपों को लेकर चर्चा में है। लकड़ियों से लदे वाहनों के तौल से जुड़े फोटो और वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
लंबे समय से चल रहा प्रतिबंधित लकड़ी का खेल
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि अवतार धर्मकांटा पर लंबे समय से प्रतिबंधित प्रजाति की लकड़ियों से लदे वाहनों की तौल की जा रही है। आरोप है कि तौल के बाद इन वाहनों को दूसरे स्थानों के लिए रवाना कर दिया जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई अचानक सामने आया मामला नहीं है, बल्कि कथित तौर पर लंबे समय से चल रही गतिविधि है। लोगों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ऐसे लोगों के हौसले बढ़े हुए हैं।
वायरल फोटो-वीडियो के बाद उठे सवाल
मामले से जुड़े फोटो और वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वन विभाग और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच करें तो कथित लकड़ी कारोबार से जुड़े कई तथ्यों का खुलासा हो सकता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि सामने आए साक्ष्यों की जांच कर यह पता लगाया जाए कि लकड़ियां कहां से लाई जा रही थीं और इनके परिवहन से जुड़े नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
एसडीएम कुंडा ने दिए जांच के संकेत
इस मामले में उपजिलाधिकारी कुंडा अजय यादव ने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। शिकायत मिलने पर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध गतिविधि सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की जांच पर टिकीं लोगों की निगाहें
अब पूरे मामले में प्रशासनिक जांच का इंतजार है। यदि आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो प्रतिबंधित लकड़ी के कथित कारोबार से जुड़े लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।
वहीं स्थानीय लोगों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से मामले की पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।





