NEET प्रकरण पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का स्वागत, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की उठाई मांग
NEET परीक्षा विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर समाजसेवी बृजेश तिवारी 'सेवादार' ने कहा कि यह लोकतांत्रिक जवाबदेही का उदाहरण है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की मांग करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की आवश्यकता बताई।

लालगंज, प्रतापगढ़। NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही की मांग को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर समाजसेवी बृजेश तिवारी ‘सेवादार’ ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत होती है। यदि किसी गंभीर विवाद के बीच मंत्री पद छोड़ते हैं, तो इससे यह संदेश जाता है कि जनता और छात्रों की भावनाओं का सम्मान किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए। लाखों अभ्यर्थी वर्षों की मेहनत और उम्मीदों के साथ इन परीक्षाओं में शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक या किसी भी प्रकार की अनियमितता केवल एक परीक्षा को ही नहीं, बल्कि युवाओं के विश्वास और भविष्य को भी प्रभावित करती है।
बृजेश तिवारी ‘सेवादार’ ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाने के लिए ठोस सुधार लागू करने की भी मांग की।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसी व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे प्रत्येक अभ्यर्थी को निष्पक्ष और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली का लाभ मिल सके।



