16 करोड़ की स्वास्थ्य योजना फाइलों में दफन, प्रतापगढ़ में 39 हेल्थ वेलनेस सेंटरों का निर्माण शुरू नहीं
प्रतापगढ़ में 16.06 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 39 हेल्थ वेलनेस सेंटरों का निर्माण टेंडर और तकनीकी स्वीकृति (टीएस) के अभाव में शुरू नहीं हो सका। योजना में देरी से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

प्रतापगढ़। जिले की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शासन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 39 हेल्थ वेलनेस सेंटरों के निर्माण हेतु 16.06 करोड़ रुपये (1606.41 लाख) की महत्वाकांक्षी योजना स्वीकृत की थी।
कार्यदायी संस्था के रूप में जिला पंचायत प्रतापगढ़ को जिम्मेदारी भी सौंप दी गई, लेकिन विभागीय सुस्ती और प्रशासनिक लापरवाही के चलते करोड़ों रुपये की यह योजना अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी।
जानकारी के अनुसार, फरवरी 2026 में धनराशि स्वीकृत होने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने समय पर टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं कराई। इतना ही नहीं, निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए जरूरी तकनीकी स्वीकृति (टीएस) भी अब तक जारी नहीं हो सकी। नतीजा यह है कि एक भी हेल्थ वेलनेस सेंटर का निर्माण शुरू नहीं हो पाया।
सबसे अहम बात यह है कि जहां प्रदेश के कई अन्य जिलों में इसी योजना के तहत निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, वहीं प्रतापगढ़ में फाइलें दफ्तरों की मेजों पर धूल फांक रही हैं। इसका सीधा असर ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।
जिन गांवों को बेहतर प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी थीं, वहां आज भी लोग पुराने और जर्जर उपकेंद्रों के भरोसे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की इस सुस्ती से शासन की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो करोड़ों रुपये की योजना का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा और ग्रामीणों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
सूत्रों का कहना है कि योजना में हुई देरी की जिम्मेदारी तय किए जाने की भी मांग उठने लगी है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि शासन और जिला प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर क्या कार्रवाई करते हैं और आखिर कब 39 हेल्थ वेलनेस सेंटरों का निर्माण धरातल पर दिखाई देगा।
इस बाबत अपर मुख्य अधिकारी नरेंद्र पाल ने बताया कि टीएस हाशिल करने के लिए प्रयास किया जा रहा है।संस्तुति मिलते ही निविदा आमंत्रित किया जायेगा।





