दिल्ली में सुरक्षा बढ़ी: बंगाल से एयरलिफ्ट किए गए CRPF के 2000 जवान, संसद सत्र के बीच गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला
संसद के मानसून सत्र और विरोध प्रदर्शनों के बीच गृह मंत्रालय के निर्देश पर पश्चिम बंगाल से CRPF के 2000 जवान दिल्ली एयरलिफ्ट किए गए। जानें सुरक्षा बढ़ाने के पीछे की वजह।

नई दिल्ली, 22 जुलाई। राजधानी दिल्ली में संसद के मानसून सत्र और विभिन्न संगठनों के विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर पश्चिम बंगाल से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 20 अतिरिक्त कंपनियों, यानी करीब 2,000 जवानों, को हवाई मार्ग से दिल्ली भेजा जा रहा है।
गृह मंत्रालय ने क्यों लिया फैसला?
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, हाल के विरोध प्रदर्शनों और संसद सत्र के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती कर रही हैं।
पहले से तैनात हैं कई कंपनियां
दिल्ली में संसद का मानसून सत्र जारी है। इसके मद्देनजर पहले से ही CRPF और उसकी दंगा-रोधी इकाई रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की लगभग 30 कंपनियां तैनात हैं। अब पश्चिम बंगाल से आई 20 अतिरिक्त कंपनियों के जुड़ने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।
पश्चिम बंगाल से क्यों बुलाए गए जवान?
जानकारी के अनुसार, ये CRPF कंपनियां पश्चिम बंगाल में चुनावी ड्यूटी के लिए भेजी गई थीं और बाद में वहीं तैनात थीं। गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद इन्हें तत्काल प्रभाव से दिल्ली भेजने का फैसला लिया गया।
सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल संसद परिसर, प्रमुख सरकारी भवनों और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त बल की तैनाती एहतियाती कदम है ताकि किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
नोट: अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती का अर्थ यह नहीं है कि किसी बड़े उपद्रव की पुष्टि हो चुकी है। यह कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है।





