
नई दिल्ली
देश में डिजिटल पेमेंट को और आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा सकता है। जल्द ही ऐसा फीचर आने की संभावना है, जिसकी मदद से बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी UPI पेमेंट किया जा सकेगा। इससे उन लाखों लोगों को राहत मिलेगी जो अक्सर कमजोर नेटवर्क या बिना इंटरनेट वाले इलाकों में डिजिटल भुगतान करने में परेशानी का सामना करते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) एक नई ऑफलाइन UPI भुगतान प्रणाली पर काम कर रहा है। इस सुविधा के जरिए ग्राहक मर्चेंट के पॉइंट ऑफ सेल (POS) टर्मिनल पर इंटरनेट उपलब्ध न होने की स्थिति में भी आसानी से भुगतान कर सकेंगे।
किन जगहों पर मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
यह फीचर खास तौर पर उन स्थानों के लिए उपयोगी होगा जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर या उपलब्ध नहीं होती। इनमें शामिल हैं:
- हवाई जहाज का केबिन
- अंडरग्राउंड मेट्रो और ट्रेन नेटवर्क
- दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्र
- कमजोर मोबाइल नेटवर्क वाले इलाके
ऐसी जगहों पर भी ग्राहक बिना किसी परेशानी के डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे।
कैसे करेगा काम नया Offline UPI फीचर?
इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए पहले यूजर को इंटरनेट उपलब्ध होने पर अपने UPI Lite Wallet में राशि जोड़नी होगी। इसके बाद ऑफलाइन स्थिति में:
- NFC सपोर्ट वाले स्मार्टफोन को POS मशीन पर टैप करना होगा।
- UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होगी।
- 2,000 रुपये तक का भुगतान आसानी से किया जा सकेगा।
- POS मशीन ट्रांजेक्शन को अस्थायी रूप से स्टोर करेगी।
- इंटरनेट आने के बाद ट्रांजेक्शन नेटवर्क पर प्रोसेस हो जाएगा।
2026 में शुरू हो सकती है सर्टिफिकेशन प्रक्रिया
रिपोर्ट्स के अनुसार, NPCI वर्ष 2026 में प्रमुख POS टर्मिनल निर्माताओं के डिवाइस को इस नई सुविधा के लिए सर्टिफाई करना शुरू कर सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे यह तकनीक बाजार में उपलब्ध कराई जा सकती है।
UPI Lite X से कितना अलग है यह फीचर?
सितंबर 2023 में लॉन्च किए गए UPI Lite X में ऑफलाइन पर्सन-टू-पर्सन पेमेंट और NFC आधारित कुछ भुगतान सुविधाएं दी गई थीं।
हालांकि नया फीचर इससे आगे होगा क्योंकि:
- पारंपरिक POS मशीनों पर भी ऑफलाइन भुगतान संभव होगा।
- व्यापारियों को इंटरनेट बंद होने पर भी भुगतान स्वीकार करने में सुविधा मिलेगी।
- डिजिटल पेमेंट की स्वीकार्यता और बढ़ेगी।
यूजर्स और कारोबारियों को क्या होगा फायदा?
- इंटरनेट न होने पर भी पेमेंट संभव।
- छोटे लेनदेन में तेजी।
- दूरदराज के क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा।
- व्यापारियों को नेटवर्क समस्या के दौरान भी भुगतान मिलने में आसानी।
- कैश पर निर्भरता कम होगी।
निष्कर्ष
यदि यह सुविधा तय योजना के अनुसार लागू होती है, तो भारत का UPI इकोसिस्टम एक और बड़ा बदलाव देख सकता है। खासकर कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और व्यापारियों के लिए यह फीचर डिजिटल भुगतान को पहले से अधिक आसान, तेज और भरोसेमंद बना सकता है।





