
लालगंज, प्रतापगढ़। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच विषैले सर्प जानलेवा साबित हो रहे हैं। खेतों और जलभराव वाले इलाकों से निकलकर सांप अब रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं। मंगलवार को सांगीपुर थाना क्षेत्र में सर्पदंश की दो अलग-अलग घटनाओं में एक महिला और एक युवक की मौत हो गई। दोनों की मौत से परिवारों में कोहराम मच गया, जबकि क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया।
पहली घटना सांगीपुर थाना क्षेत्र के पूरे पंडित सिंहगढ़ गांव की है। यहां रमाशंकर मिश्र उर्फ झुन्ना की 48 वर्षीय पत्नी पुष्पा देवी सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे घर के पास धान की नर्सरी में घुसे मवेशी को भगाने गई थीं। इसी दौरान खेत के किनारे छिपे जहरीले सर्प ने उन्हें डस लिया। पुष्पा देवी किसी तरह घर पहुंचीं और परिजनों को सर्पदंश की जानकारी दी, लेकिन कुछ ही देर में अचेत हो गईं। परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सांगीपुर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका अपने पीछे एक पुत्र और दो पुत्रियों को छोड़ गई हैं।
दूसरी घटना बूबूपुर गांव की है। यहां रायबरेली जनपद के कवही भगतपुर परशदेपुर निवासी 18 वर्षीय प्रतीक मिश्र उर्फ नान अपने मामा मदन कुमार पांडेय के घर रहकर पढ़ाई कर रहा था। सोमवार देर रात करीब दो बजे वह कमरे में तख्त पर सो रहा था, तभी जहरीले सर्प ने उसे डस लिया। युवक ने तत्काल मामा को इसकी जानकारी दी। आनन-फानन में उसे भी सीएचसी सांगीपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। प्रतीक दो भाइयों में छोटा था। उसकी असमय मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
बरसात के मौसम में सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण बिलों में पानी भर जाने से सांप सुरक्षित स्थान की तलाश में घरों, खेतों और खलिहानों की ओर निकल आते हैं। ऐसे में खेतों में काम करने वाले किसानों, रात में बाहर निकलने वाले लोगों तथा घरों के आसपास जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय पीड़ित को तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।





