विद्या यूनिवर्सिटी मेरठ में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, सांसद अरुण गोविल बोले- शिक्षक ही राष्ट्र के चरित्र के निर्माता
मेरठ की विद्या यूनिवर्सिटी में आईएमसीटीएफ के फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में सांसद अरुण गोविल ने शिक्षकों को नैतिक शिक्षा, भारतीय संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर मार्गदर्शन दिया। 50 से अधिक स्कूलों के 100 से ज्यादा शिक्षक शामिल हुए।

मेरठ। शिक्षा को नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से इनिशिएटिव फॉर मोरल एंड कल्चरल ट्रेनिंग फाउंडेशन (आईएमसीटीएफ) द्वारा शनिवार को विद्या यूनिवर्सिटी में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मेरठ क्षेत्र के 50 से अधिक विद्यालयों के 100 से ज्यादा शिक्षकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद अरुण गोविल ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि राष्ट्र के चरित्र का निर्माता होता है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक स्वयं नैतिक मूल्यों, भारतीय संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं को अपनाता है, तभी वह विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार विकसित कर सकता है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नई शिक्षा व्यवस्था की जरूरत हैं।
विद्या यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रदीप कुमार जैन ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारियों को निभाने वाले नागरिक तैयार करना भी है।
नेस्ट मैन ऑफ इंडिया राकेश खत्री ने पर्यावरण संरक्षण और पक्षियों के संरक्षण को भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए शिक्षकों से बच्चों में प्रकृति के प्रति प्रेम विकसित करने का आह्वान किया।
वहीं मेमोरी गुरु सुधांशु सिंघल ने प्रभावी शिक्षण के लिए स्मरण शक्ति, एकाग्रता और सकारात्मक सोच को आवश्यक बताते हुए आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
संचालन मेरठ प्रांत के संयोजक कमलकांत ने किया। इस अवसर पर आईएमसीटीएफ के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी डॉ. विष्णु शंकर, विश्व मोहन नौटियाल सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।





