
प्रतापगढ़। कंधई थाना क्षेत्र के कोनी गांव में जमीन विवाद में घायल किशोर प्रवेश की उपचार के दौरान हुई मौत के बाद परिजनों का आक्रोश करीब 30 घंटे तक जारी रहा। मुआवजा, आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग को लेकर परिजन शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार किए हुए थे।
शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ और किशोर का अंतिम संस्कार सुल्तानपुर जनपद के दोपाप घाट पर कराया गया।
शुक्रवार को एसडीएम पट्टी पूर्णेंदु मिश्रा और क्षेत्राधिकारी पट्टी ने परिजनों से लंबी वार्ता की। अधिकारियों ने निष्पक्ष कार्रवाई, विवादित भूमि का सीमांकन, राहत दिलाने और अन्य मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
घटना के बाद पुलिस ने एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है। उधर, घटना की गंभीरता को देखते हुए सदर विधायक राजेंद्र मौर्य, जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. नीरज तिवारी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि कोनी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
एसडीएम पूर्णेंदु मिश्रा ने बताया कि विवादित भूमि का सीमांकन कर अलग कराया जाएगा। साथ ही शस्त्र लाइसेंस जारी करने और मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता दिलाने के संबंध में शनिवार को पीड़ित परिवार की जिलाधिकारी से मुलाकात कराई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि कंधई थाना क्षेत्र के कोनी गांव में खेत की मेड़ बांधने को लेकर हुए विवाद के दौरान कुल्हाड़ी से किए गए हमले में किशोर प्रवेश गंभीर रूप से घायल हो गया था।
प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव और शोक का माहौल बना रहा, हालांकि प्रशासन की पहल के बाद स्थिति सामान्य हो गई।





