भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल, 2027 का चुनाव संविधान और लोकतंत्र बचाने का चुनाव होगा: अखिलेश यादव
लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था, किसानों और महिलाओं के मुद्दे पर विफल बताया। उन्होंने कहा कि 2027 का चुनाव संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय बचाने का चुनाव होगा।

लखनऊ, 9 जुलाई 2026। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था, किसानों, नौजवानों और महिलाओं की सुरक्षा सहित हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव केवल सरकार बदलने का नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय को बचाने का चुनाव होगा।
लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय के लोहिया सभागार में नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं।
सरकारी अस्पतालों में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा, दवाइयों और चिकित्सकों की कमी बनी हुई है तथा आम लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है।
कानून व्यवस्था के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और मेरठ में पुलिस की कथित बर्बर कार्रवाई ने सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पुलिस का दुरुपयोग कर रही है तथा निर्दोष लोगों पर अत्याचार और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध, दलितों और पिछड़ों पर अत्याचार तथा किसानों और युवाओं की समस्याओं के प्रति सरकार पूरी तरह असंवेदनशील है।अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा सरकार के “अत्याचार और अन्याय” का अंत निकट है और उत्तर प्रदेश से बदलाव की शुरुआत होगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता वर्ष 2027 में भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का निर्णय लेगी।राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित प्रकरण का उल्लेख करते हुए सपा प्रमुख ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले ने भाजपा का वास्तविक चरित्र उजागर कर दिया है और भगवान के नाम पर राजनीति करने वालों की सच्चाई जनता के सामने आ चुकी है।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा को अपना नाम बदलकर “भाचपा (भारतीय चोर पार्टी)” कर लेना चाहिए।महिला आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी शुरू से ही महिला आरक्षण की समर्थक रही है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन जैसी शर्तों से जोड़कर उसके क्रियान्वयन में देरी करना उचित नहीं है। उनके अनुसार महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार बिना किसी विलंब के मिलना चाहिए।उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, जनता के बीच जाकर भाजपा सरकार की नीतियों को उजागर करने और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनाकर उत्तर प्रदेश में संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और विकास की नई शुरुआत की जाएगी।





