गंगा पोषित बेंतीताल में कर स्नान, बागेश्वर सरकार का हो सम्मान
प्रतापगढ़ के कुंडा स्थित राजभवन बेंती में 17 से 20 नवंबर 2026 तक बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की श्रीराम कथा होगी। गंगा पोषित बेंती ताल और कथा महोत्सव को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।

कुंडा प्रतापगढ़ l चार दिन का जीवन, चार दिन की कथा और चार लोगों का समाज। दुनिया की अधिकांश चर्चाएं भी इन्हीं “चार लोगों” के इर्द-गिर्द घूमती हैं। यही चार लोग कभी किसी की प्रशंसा करते हैं तो कभी आलोचना। कभी अच्छाई का गुणगान करते हैं तो कभी बुराई को बढ़ावा देते हैं। लेकिन जीवन की सच्चाई यह है कि सब कुछ कुछ दिनों का ही खेल है। चार दिनों की चांदनी है और फिर अपनी-अपनी राह।

इन्हीं विचारों के बीच 17 से 20 नवंबर 2026 तक कुंडा के राजभवन बेंती स्थित हवाई पट्टी (परेड ग्राउंड) में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की चार दिवसीय श्रीराम कथा आयोजित होने जा रही है। चार दिनों तक चलने वाली यह कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्ममंथन, संस्कार, समाज और सनातन चेतना का उत्सव बनने जा रही है।

बेंती की धरती वर्षों से अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए जानी जाती रही है। कथा स्थल के निकट स्थित गंगा पोषित बेंती ताल भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेगा। स्थानीय स्तर पर समय-समय पर तालाब में मगरमच्छ होने या न होने की चर्चाएं उठती रही हैं। ऐसे में कथा में आने वाले श्रद्धालुओं के बीच यह चर्चा भी स्वाभाविक रूप से जीवंत रहेगी।

सनातन परंपरा में स्नान केवल शरीर की शुद्धि नहीं, बल्कि विचारों के परिमार्जन का भी प्रतीक माना गया है। ऐसे में जो लोग क्षेत्र, समाज या इस आयोजन को लेकर नकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं, वे भी बेंती पहुंचें, कथा श्रवण करें और गंगा पोषित बेंती ताल के दर्शन कर सकारात्मकता का अनुभव करें। संभव है कि चार दिनों की कथा उनके मन में चल रहे अनेक प्रश्नों का उत्तर भी दे दे।

कहा जाता है कि जीवन क्षणभंगुर है, लेकिन अच्छे संस्कार और सकारात्मक विचार पीढ़ियों तक प्रभाव छोड़ते हैं। बेंती में होने वाली यह चार दिवसीय श्रीराम कथा भी श्रद्धा, भक्ति, संस्कार और समाज को जोड़ने का ऐसा ही प्रयास होगी, जहां लाखों श्रद्धालु एक साथ धर्म और राष्ट्र चेतना के संदेश से जुड़ेंगे।





